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- ग्वालियर में दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कान्क्लेव का हुआ शुभारंभ
भोपाल, 30 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा निवेश के लिए किए जा रहे सर्वांगीण प्रयास मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को बल देंगे। साथ ही रोजगार प्रदान करने में ये कदम मील का पत्थर साबित होंगे। तोमर ने भरोसा जताया कि ग्वालियर में आयोजित पर्यटन कॉन्क्लेव से ग्वालियर-चंबल एवं बुंदेलखंड अंचल में आने वाले समय में पर्यटन के क्षेत्र में बहुत सारी संरचनाएं मूर्त रूप लेंगी।
विधानसभा अध्यक्ष तोमर शनिवार को ग्वालियर के राजमाता विजया राजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कान्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्य प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए कॉन्क्लेव एवं औद्योगिक मीट का विकेंद्रीकरण किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि, संस्कृति, जनजातीय आबादी, वाइल्ड लाइफ, शिक्षा व चिकित्सा इत्यादि में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। सरकार के विकासोन्मुखी सोच व प्रयासों से मध्य प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बन रहा है।
रीजनल पर्यटन कॉन्क्लेव के आ रहे हैं सार्थक परिणाम : मंत्री सिलावट
ग्वालियर जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर रीजनल पर्यटन कॉन्क्लेव की जो श्रृंखला चलाई जा रही है, उसके सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मध्यप्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में नये आयाम स्थापित होंगे।
ग्वालियर की पुण्य भूमि में पर्यटन की हैं असीम संभावनाएं : पर्यटन राज्यमंत्री लोधी
पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि ग्वालियर की पुण्य भूमि में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में पर्यटन के क्षेत्र मध्यप्रदेश को नंबर वन बनाने के लिए हम सभी सतत प्रयासरत हैं। प्रदेश प्राकृतिक रूप से समृद्ध है। हमारा गौरवशाली अतीत और समृद्ध संस्कृति है। यूनेस्को की कुल 62 साइट्स में 18 साइट्स सिर्फ अकेले मध्यप्रदेश में हैं, जिसमें 3 स्थायी सूची में और 15 संभावित सूची में हैं। ग्वालियर को यूनेस्को सिटी ऑफ म्यूजिक घोषित किया गया है। यह तानसेन सम्राट की नगरी है।
पर्यटन नीति-2025 और प्रावधानों का हुआ प्रेजेंटेशन
प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने प्रदेश के पर्यटन की विशेषताओं, प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत संरक्षण, ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय कला पर आधारित प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने प्रेजेंटेशन के माध्यम से मध्यप्रदेश की पर्यटन नीति-2025 और मध्यप्रदेश पर्यटन फिल्म नीति-2025 के प्रमुख प्रावधानों और निवेशकों को मिलने वाले लाभ के बारे में बताया। साथ ही ग्वालियर और उसके आसपास के पर्यटन स्थलों के विकास कार्य और महत्वपूर्ण उपलब्धियों को रेखांकित किया।
म.प्र. की फिल्म नीति ने फिल्म शूटिंग को बनाया आसान : अभिनेता मिश्रा
अभिनेता और कलाकार पीयूष मिश्रा ने कहा कि ग्वालियर में रहकर उन्होंने सिनेमा में काम करने का सपना देखा। यहाँ थिएटर की ट्रेनिंग ली और अमिताभ बच्चन के साथ काम करने के सपने को 2015 में पूरा किया। ग्वालियर की धरती में नाट्य की ट्रेनिंग पुराने समय से दी जा रही है। यह कलाकारों की जननी है। प्रदेश में अभिनेताओं की एक्सपर्ट शॉट की कार्यशाला के माध्यम से युवा कलाकारों को सिनेमा क्षेत्र की विधाएं सिखाने के लिए कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश फिल्म नीति ने प्रदेश में फिल्म शूटिंग को आसान बनाया है। यहां की जनता शूटिंग फ्रेंडली और मिलनसार है। प्रदेश में फिल्म क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव प्रयत्न किया जाएगा।
निवेशकों ने साझा किये अनुभव
वरिष्ठ उपाध्यक्ष एस्सार समूह, एविड लर्निंग के सीईओ और रॉयल ओपेरा हाउस मुंबई के क्यूरेटर असद लालजी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र का तेज गति से विकास हो रहा है। हम सभी इस विकास में अपना योगदान देने के लिए तैयार है। भारतीय टूर ऑपरेटर संघ के अध्यक्ष रवि गोसाईं ने कहा कि यह रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव प्रदेश के पर्यटन उत्पादों को प्रदर्शित करने का प्रमुख मंच हैं। लगभग 200 से अधिक ट्रैवल और टूर ऑपरेटर फैम टूर के माध्यम से ग्वालियर के आस-पास के क्षेत्र में भ्रमण करेंगे। साथ ही इन पर्यटन स्थलों को दुनिया के सामने लाने में विशेष भूमिका निभाएंगे।
नीमराना होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अमन नाथ ने कहा कि यह वक्त भारतीय विरासत और संस्कृति के पुनर्जागरण का हैं। मध्य प्रदेश में हर पर्यटक और निवेशक के लिए सब कुछ है। यह पूरे भारत में कनेक्टिविटी के मध्य केंद्र के रूप में कार्य करता है। उद्योग स्थापित करने के लोकेशन के रूप में म.प्र. सर्वश्रेष्ठ है। निश्चित ही हम मध्य प्रदेश को पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में देखेंगे। प्रमुख रूप से शामिल हुए, सभी ने मध्य प्रदेश की निवेश नीति और मिलने वाले लाभ की सराहना की। साथ ही मध्य प्रदेश में पर्यटन को नई दिशा देने और विकास में योगदान देने के अपने संकल्प को दोहराया।
हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत