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हिसार, 30 अगस्त (हि.स.)। दयानंद कॉलेज में हिंदी पखवाड़े के तहत हिंदी व संस्कृत
विभाग की ओर से पुस्तकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को पुस्तकालय
का भ्रमण करवाया गया और विस्तार व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता
महाविद्यालय पुस्तकालय के अध्यक्ष डॉ. रमेश शर्मा रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. मोनिका नरेश ने शनिवार काे मुख्य वक्ता
को तुलसी का पौधा देकर स्वागत किया और पुस्तकालय के महत्व पर भी प्रकाश डाला। मुख्य
वक्ता ने बताया कि पुस्तकालय में किस तरह से पुस्तकों को व्यवस्थित रूप से रखा जाता
है व हम किस तरह से पुस्तकालय में जाकर अपनी जरूरत के अनुसार पुस्तकों को ले सकते हैं।
उन्होंने पुस्तकालय में पुस्तकों को सुरक्षित रखने के पुरातन तरीको से लेकर आधुनिक
तरीके भी बताएं। उन्होंने बताया कि जो काम शरीर में दिल का होता है वही काम किसी स्कूल,
महाविद्यालय व किसी भी संस्थान में पुस्तकालय का होता है।
पुस्तकालय का ज्ञान विद्यार्थियों
के पठन कौशल को भी प्रोत्साहित करता है। पुस्तकालय के माध्यम से पुस्तकों को पढ़ना एक
कला है और यह हर कदम पर हमारा मार्गदर्शन करते हुए ज्ञानवर्धन भी करते हैं। मुख्य अतिथि डॉ. विक्रमजीत सिंह ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम छात्रों के
भौतिक और रचनात्मक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। मंच संचालन डॉ. माया ने किया। कार्यक्रम
के समापन पर डॉ. संगीता शर्मा ने मुख्य वक्ता के साथ-साथ वहां उपस्थित सभी प्राध्यापकगण
व विद्यार्थीगण का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में डॉ. सुमंगला वशिष्ठ, डॉ. सुरेंद्र
बिश्नोई, डॉ. संतोष, डॉ. सुमन, डॉ. दीपक, प्रो. अमरनाथ, प्रो. विजेंद्र व काफी संख्या
में विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर