शिंदे समिति की मनोज जारांगे से चर्चा विफल, जारांगे का आंदोलन जारी रखने का ऐलान
मुंबई, 30 अगस्त (हि.स.)। महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण के अध्ययन के लिए गठित शिंदे समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व न्यायमूर्ति संदीप शिंदे और मराठा नेता मनोज जारांगे के बीच शनिवार को आज़ाद मैदान में हुई चर्चा विफल हो गई है। इस चर्चा के बाद मनोज जारांगे ने आ
फोटो: पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मराठा नेता मनोज जारांगे पाटिल


मुंबई, 30 अगस्त (हि.स.)। महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण के अध्ययन के लिए गठित शिंदे समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व न्यायमूर्ति संदीप शिंदे और मराठा नेता मनोज जारांगे के बीच शनिवार को आज़ाद मैदान में हुई चर्चा विफल हो गई है। इस चर्चा के बाद मनोज जारांगे ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है और कार्यकर्ताओं को शांति बनाए रखने की अपील की।

मराठा आरक्षण के लिए मनोज जारांगे पाटिल का मुंबई के आजाद मैदान पर भूख हड़ताल का आज दूसरा दिन है। राज्य सरकार की ओर से शिंदे समिति के अध्यक्ष पूर्व न्यायमूर्ति संदीप शिंदे आजाद मैदान में जाकर मनोज जारांगे से मुलाकात की ओर उन्हें बताया कि समिति को मराठवाड़ा में अब तक 2 लाख 47 हज़ार अभिलेख प्राप्त हुए हैं, जसमेें 2 लाख 39 हज़ार को प्रमाण पत्र दिए जा चुके हैं।

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उन्होंने मनोज जारांगे के चर्चा में बताया कि पूरे महाराष्ट्र में 58 लाख अभिलेख प्राप्त हुए हैं, जबकि 10 लाख 35 हज़ार प्रमाण पत्र दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि गजेटियर लागू तो होगा, लेकिन किस संदर्भ में यह अभी तय नहीं हुआ है। गजेटियर का अध्ययन करके उसे कानून में बदलना होगा, गजेटियर तैयार होने में छह महीने लगेंगे। जाति प्रमाण पत्र व्यक्ति को दिया जाएगा, समुदाय को नहीं। सभी मराठों को कुनबी नहीं माना जा सकता।

न्यायमूर्ति शिंदे ने कहा कि यह सैद्धांतिक रूप में स्वीकार्य है कि मराठवाड़ा के मराठा कुनबी हैं और मनोज जारांगे को भूख हड़ताल खत्म करने की पेशकश की।

इसके बाद मनोज जारंगे ने कहा कि राज्य सरकार को खुद चर्चा के लिए आना चाहिए था, लेकिन सरकार ने शिंदे समिति को उनके पास भेजकर समिति का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि 58 लाख अभिलेख इस बात के प्रमाण हैं कि कुनबी और मराठा एक ही हैं।

मनोज जारंगे ने मांग की कि एक सामान्य सर्वेक्षण तैयार किया जाए कि मराठा और कुनबी एक ही हैं। जब तक सरकारी आदेश जारी नहीं हो जाता, मैं नहीं हटूंगा। मनोज जरांगे ने यह भी कहा कि वह मराठा और कुनबी एक हैं, यह कहते हुए सरकारी आदेश जारी करने की कोई समय सीमा नहीं देंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव