शिमला अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में दिखाई जाएगी 43 देशों की 163 फिल्में
शिमला, 30 अगस्त (हि.स.)। राजधानी शिमला एक बार फिर विश्व सिनेमा का केंद्र बनने जा रही है। यहां 5 से 7 सितंबर तक होने वाले 11वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव शिमला में देश-विदेश की बेहतरीन फिल्में दिखाई जाएंगी। इस बार महोत्सव का शुभारंभ ईरान के प्रसिद्ध
शिमला अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में दिखाई जाएगी 43 देशों की 163 फिल्में


शिमला, 30 अगस्त (हि.स.)। राजधानी शिमला एक बार फिर विश्व सिनेमा का केंद्र बनने जा रही है। यहां 5 से 7 सितंबर तक होने वाले 11वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव शिमला में देश-विदेश की बेहतरीन फिल्में दिखाई जाएंगी। इस बार महोत्सव का शुभारंभ ईरान के प्रसिद्ध निर्देशक मेहरान रंजबर की फ़ारसी फ़िल्म “इलेक्ट्रान” से होगा।

महोत्सव में सुप्रसिद्ध फिल्मकार और पद्मश्री सम्मानित डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी तथा चर्चित अभिनेत्री छाया कदम विशेष अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। उनकी मौजूदगी से आयोजन का आकर्षण और बढ़ेगा।

तीन दिवसीय इस महोत्सव में 43 देशों और 23 भारतीय राज्यों से फिल्मकार अपनी प्रतिभा लेकर शिमला आएंगे। इस दौरान कुल 163 फिल्मों का प्रदर्शन होगा। खास बात यह है कि कई फिल्मों के निर्देशक भी मौजूद रहेंगे और दर्शकों से सीधा संवाद करेंगे। यह पहली बार होगा जब शिमला के दर्शकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की फिल्मों और डॉक्यूमेंट्रीज़ को इतने करीब से समझने और जानने का अवसर मिलेगा।

इस बार प्रदर्शन के लिए पाँच स्थलों का चयन किया गया है। गेयटी थिएटर में तीन स्क्रीन लगाई जाएंगी, वहीं हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय समरहिल में छात्रों के लिए विशेष प्रदर्शन होंगे। खास पहल के तहत कंडा जेल (शिमला), नाहन जेल (सिरमौर) और किशोर गृह शिमला में भी कैदियों के लिए फिल्में दिखाई जाएंगी। इसके अलावा गेयटी थिएटर में “बचपन श्रेणी” के अंतर्गत स्कूली बच्चों और विशेष रूप से सक्षम बच्चों के लिए भी खास स्क्रीनिंग रखी गई है।

महोत्सव का आयोजन हिमालयन वेलोसिटी द्वारा किया जा रहा है। इसमें भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और हिमाचल प्रदेश सरकार के भाषा एवं संस्कृति विभाग का सहयोग है। आयोजकों के अनुसार बीते वर्षों में इस महोत्सव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी खास पहचान बनाई है।

महोत्सव निदेशक पुष्प राज ठाकुर ने कहा कि इस वर्ष ‘इलेक्ट्रान’ को उद्घाटन फिल्म के रूप में रखा गया है। 43 देशों और 23 राज्यों की भागीदारी इस आयोजन को और भव्य बनाएगी। यह महोत्सव अलग-अलग संस्कृतियों और दृष्टिकोणों की कहानियों को एक ही मंच पर लाता है।”

कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएँ, संगोष्ठियाँ और कार्यशालाएँ भी होंगी। लगभग 60 स्वतंत्र निर्देशक, जिनकी फिल्में चयनित हुई हैं, वे भी इसमें शिरकत करेंगे।

अंतरराष्ट्रीय श्रेणी में चीन, इटली, रूस, अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, ईरान, नेपाल, तुर्की, स्पेन, कोरिया, ग्रीस, थाईलैंड, मोरक्को, क्यूबा और अन्य देशों की फिल्में शामिल हैं। वहीं भारतीय श्रेणी में महाराष्ट्र, असम, तेलंगाना, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और 15 अन्य राज्यों की फिल्में दिखाई जाएंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा