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नई दिल्ली, 30 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली नगर निगम में स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने शनिवार को बिजवासन और द्वारका स्थित पांच एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटरों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सभी सेंटरों की व्यवस्थाओं एवं कार्यप्रणाली को देखा तथा अधिकारियों को द्वारका व बिजवासन में डॉग शेल्टर सेंटर बनाने के निर्देश दिए।
सत्या शर्मा ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए - एबीसी सेंटरों में नसबंदी एवं टीकाकरण प्रक्रिया को और तेज एवं सघन किया जाए ताकि आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित हो और बीमारियों की रोकथाम हो सके और एबीसी सेंटरों में केनेल की संख्या बढ़ाई जाए ताकि अधिक से अधिक कुत्तों का इलाज एवं देखभाल संभव हो सके।
सत्या शर्मा ने निरीक्षण के दौरान द्वारका स्थित डॉग क्रेमेटोरियम सेंटर का भी दौरा किया और वहां की सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने बताया कि एमसीडी दिल्ली में डॉग शेल्टर होम बनाने की दिशा में कार्य कर रही है और आने वाले समय में वह और भी एबीसी सेंटरों का निरीक्षण करेंगी। उन्होंने कहा कि वह भविष्य में सभी केंद्रों का व्यक्तिगत रूप से दौरा करेंगी और इस समस्या का ठोस समाधान निकालने के लिए पूरी गंभीरता से काम करेंगी।
शर्मा ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवारा कुत्तों के लिए फीडर प्लेस भी बनाने की जगहों को चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि निगम इस दिशा में दिल्ली सरकार से भी सहयोग मांगेगा और औपचारिक रूप से अनुरोध करेगा कि डॉग शेल्टर होम व फीडर प्लेसेज विकसित करने के लिए भूमि उपलब्ध कराए ताकि इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
उन्होंने कहा कि निगम का उद्देश्य है दिल्ली में पशु कल्याण एवं नागरिक हित दोनों को संतुलित रखते हुए प्रभावी कदम उठाना ताकि शहर में आवारा कुत्तों की समस्या पर नियंत्रण के साथ-साथ उनके प्रति संवेदनशील और मानवीय व्यवहार भी सुनिश्चित हो सके।
इस अवसर पर स्थायी समिति के उपाध्यक्ष तथा आवारा कुत्तों की समस्या हेतु गठित उपसमिति के अध्यक्ष सुंदर सिंह, शिक्षा समिति के अध्यक्ष एवं उपसमिति के सदस्य योगेश वर्मा, अतिरिक्त आयुक्त एल. डी. मेघवाल, अतिरिक्त निदेशक हेमंत कौशिक, जोनल अधिकारी तथा पशु चिकित्सा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी