धराली व थराली की तर्ज पर पौड़ी में भी की गई प्रभावितों की मदद
देहरादून, 30 अगस्त (हि.स.)। पौड़ी जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भी धराली व थराली की तर्ज पर आपदा प्रभावितों को राहत राशि बांटी गई। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप यह कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि पूर्
चैक वितरित करते अधिकारी।


देहरादून, 30 अगस्त (हि.स.)। पौड़ी जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भी धराली व थराली की तर्ज पर आपदा प्रभावितों को राहत राशि बांटी गई। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप यह कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि पूर्ण मकान क्षति व मृतकों आश्रितों को सीएम राहत से 5-5 लाख की सहायता राशि दी गई है।

जनपद पौड़ी गढ़वाल में आपदा से प्रभावित परिवारों के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा घोषित राहत राशि बांट दी गयी है। प्रभावितों ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए इसे संकट की घड़ी में बड़ी राहत बताया है।

मुख्यमंत्री धामी ने 26 अगस्त की शाम को घोषणा की कि धराली और थराली के अतिरिक्त पौड़ी में भी आपदा से पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त आवासीय भवनों के स्वामियों व मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें से एक हिस्सा एसडीआरएफ मद से व शेष राशि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए थे कि राहत राशि शीघ्रता व पारदर्शिता के साथ लाभार्थियों तक पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। शनिवार को जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के त्वरित निर्देशन पर कार्यवाही करते हुए तहसीलदार पौड़ी दीवान सिंह राणा के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों में जाकर राहत राशि के चेक वितरित किये। उन्होंने बताया कि आपदा से आवासीय भवन ध्वस्त होने से प्रभावित ग्रामीणों और मृतकों के वारिसों को राहत राशि के चेक सौंपे गये हैं।

गौरतलब है कि भारी बारिश और भूस्खलन से तहसील पौड़ी के ग्राम सैंजी, बुरांसी, रैदुल, फलद्वाड़ी, क्यार्द, कलूण व मणकोली में कुल 22 आवासीय भवन पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे, जबकि 6 लोगों की मृत्यु हुई थी। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने 7 अगस्त को स्वयं आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया व प्रशासन को त्वरित राहत पहुंचने के निर्देश दिए थे।

हिन्दुस्थान समाचार / विनोद पोखरियाल