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मंडी, 30 अगस्त (हि.स.)। एनएच 003 मंडी-जालंधर की खस्ताहालत के लिए जिम्मेदार कंपनियों के खिलाफ लोग लामबंद होने लगे हैं। इसी कड़ी में शनिवार को गावर कंपनी, एनएचएआई और सूर्या कंपनी के विरुद्ध मंडी सदर के तल्याहड़ में लोगों ने धरना प्रदर्शन कर एक जन-आंदोलन की शुरूआत की। जिसके चलते लोगों ने निर्माण कंपनियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस आंदोलन की सूत्रधार प्रो. अनुपमा सिंह ने कहा कि यह आंदोलन जनता की वह आवाज है जो हमने दो माह पहले भी उठाई थी। उन्होंने कहा कि इस मुददे को लेकर वह दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिली थी। उन्होंने बताया कि उस समय हमें आश्वासन दिया गया था कि समस्या का समाधान होगा और इसका असर एक महीने में जमीन पर दिखाई देगा, कंपनी बदली जाएगी और कार्य में तेजी आएगी।
उन्होंने कहा कि ढाई महीने बीतने के बाद भी जमीन पर कोई असर दिखाई नहीं दिया, न तो गावर कंपनी ने गंभीरता से कार्य शुरू किया, न ही सूर्या कंपनी को रोका गया। उल्टा सूर्या कंपनी आज भी अवैध तरीके से कार्यस्थल पर कब्ज़ा जमाए बैठी है और गावर कंपनी को भी काम नहीं करने देती। अब तो यह सवाल उठता है कि कंपनी बड़ी है या मंत्रालय।
उन्होंने कहा कि एनएचएआई का दायित्व है कि जनता को सुरक्षित सड़क उपलब्ध कराए, लेकिन चार साल बीतने के बाद भी यह सड़क अधूरी है। रोज़ाना आम लोग अपनी जान जोखिम में डालकर शिक्षा, रोज़गार और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इस मार्ग से सफर करते हैं। यह स्थिति असहनीय है।
उन्होंने कहा कि आज हमने जनता से हस्ताक्षर करवा कर एक जनहित याचिका तैयार की है। अब हम इस पीआईएल को मुख्यन्यायाधीश, उच्च न्यायालय शिमला में सौंपेंगे और न्यायालय से निवेदन करेंगे कि वे इसे स्वीकार करें और इस पर शीघ्र कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि अब यह लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है, यह आंदोलन जनता के सम्मान और जीवन की सुरक्षा के लिए है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा