नशे की समस्या से निपटने के लिए समाज और प्रशासन मिलकर करें कार्य : विनय कुमार
धर्मशाला, 30 अगस्त (हि.स.)। जिला कांगड़ा में नशे की रोकथाम संबंधी एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने की। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए परिवार, समाज और प्रशासन को मिलकर कार्य करना ह
बैठक में मौजूद एडीसी और अन्य अधिकारी।


धर्मशाला, 30 अगस्त (हि.स.)। जिला कांगड़ा में नशे की रोकथाम संबंधी एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने की। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए परिवार, समाज और प्रशासन को मिलकर कार्य करना होगा। इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वीर बहादुर और एडीएम शिल्पी बेक्टा भी उपस्थित रहीं।

अतिरिक्त उपायुक्त ने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि बच्चों और युवाओं को सही समय पर नशा करने से रोकना अत्यंत आवश्यक है। समय रहते उन्हें जागरूक करने से वे इस बुरी लत का शिकार होने से बच सकते हैं। उन्होंने सभी विभागों को नशा मुक्ति अभियान को जन-आंदोलन बनाने के लिए संयुक्त प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग और गैर सरकारी संस्थाएं मिलकर जागरूकता सामग्री तैयार करें। उन्होंने इस क्षेत्र में काम कर रही गैर सरकारी संस्थाओं को इस बारे विस्तृत परियोजना बनाने के निर्देश दिए।

अतिरिक्त उपायुक्त ने बैठक में अधिकारियों से जिले में चल रहे निजी क्षेत्र के नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों के निरीक्षण को लेकर की गई कार्रवाई की जानकारी ली।

इस अवसर पर एडीएम शिल्पी बेक्टा ने संवाद (एस.ए.एम.वी.ए.ए.डी.-सिस्टेमैटिक अडोलसेंट मैनेजमेंट एंड वैल्यू एडीशन डायलॉग) कार्यक्रम के बेहतर कार्यान्वयन पर जोर दिया।

वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वीर बहादुर ने कहा कि जिले में नशे के कारोबार को नियंत्रित करने और युवा को इससे बाहर निकालने के लिए सबकी सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नशे की जाल में फंस चुके युवा तथा उनके परिवार इसकी जानकारी पुलिस प्रशासन को बिना किसी झिझक के दें। शिकायत या जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जो बच्चे और युवा नशे की लत में आ चुके हैं, उनके लिए डि-एडिक्शन (नशा मुक्ति) केंद्रों में उपचार एवं पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही स्कूलों, कॉलेजों और पंचायत स्तर पर नियमित जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि समाज में नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी व्यापक रूप से पहुंच सके।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया