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गुवाहाटी, 30 अगस्त (हि.स.)। कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता विभाग (एसईईडी), असम सरकार ने रोजगार एवं शिल्पी प्रशिक्षण निदेशालय (डीईसीटी) तथा असम स्किल यूनिवर्सिटी (एएसयू) के सहयोग से आज होटल विवांता, गुवाहाटी में राष्ट्रीय आईटीआई विकास योजना पर आधारित इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया।
उद्घाटन सत्र काे वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने संबोधित किया। विभाग के प्रमुख सचिव ज्ञानेंद्र देव त्रिपाठी ने योजना की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए क्लस्टर आधारित मॉडल और एंकर इंडस्ट्री पार्टनरों की भूमिका पर प्रकाश डाला। निदेशक, डीईसीटी नरेंद्र शाह ने असम में इस योजना के क्रियान्वयन की जानकारी दी।
असम सरकार के मुख्य सचिव रवि कोटा ने सेवा क्षेत्र की बदलती जरूरतों और गिग इकॉनमी के लिए तैयारी पर जोर दिया। उन्होंने वैश्विक उदाहरण देते हुए उभरते कौशल की आवश्यकताओं को पूरा करने में सरकार की सक्रिय भूमिका रेखांकित की।
इस अवसर पर केंद्र प्रायोजित इस महत्वाकांक्षी योजना पर चर्चा हुई, जिसके तहत देशभर के एक हजार सरकारी आईटीआई - जिनमें असम के 45 आईटीआई भी शामिल हैं - को आधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। इस योजना के तहत 200 हब आईटीआई और 800 स्पोक आईटीआई स्थापित होंगे, जिनमें उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रम, आधुनिक मशीनरी और मांग आधारित नए ट्रेड शुरू किए जाएंगे। क्रियान्वयन स्पेशल पर्पस व्हीकल्स और एंकर इंडस्ट्री पार्टनरों के माध्यम से किया जाएगा, जो प्रशिक्षण, फैकल्टी विकास और रोजगार उन्मुख कौशल सुनिश्चित करेंगे।
कॉन्क्लेव में उद्योग - नेतृत्व वाले प्रशिक्षण, हब एंड स्पोक मॉडल के अवसर, ट्रेड के पुनःडिज़ाइन, मांग आधारित पाठ्यक्रम और युवाओं के लिए रोजगार व उद्यमिता मार्गों को सशक्त बनाने पर विचार-विमर्श हुआ। इसने असम के आईटीआई को आकांक्षी और उद्योग-तैयार संस्थानों के रूप में स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश