ट्रिपल आईटी में प्रोसेस इंटेलिजेंस के लिए भारत के पहले अनुसंधान केंद्र का हुआ उद्घाटन
प्रयागराज, 30 अगस्त (हि.स.)। झलवा स्थित ट्रिपल आई टी में शनिवार को प्रोसेस माइनिंग में वैश्विक कम्पनी सेलोनिस के साथ साझेदारी में एक नए रिसर्च सेंटर की स्थापना की गई। जिसका उद्घाटन निदेशक प्रो. मुकुल शरद सुतावाने एवं तरुण शिवा, उपाध्यक्ष सेलोनिस इंडि
उद्घाटन करते निदेशक एवं तरूण शिवा


प्रयागराज, 30 अगस्त (हि.स.)। झलवा स्थित ट्रिपल आई टी में शनिवार को प्रोसेस माइनिंग में वैश्विक कम्पनी सेलोनिस के साथ साझेदारी में एक नए रिसर्च सेंटर की स्थापना की गई। जिसका उद्घाटन निदेशक प्रो. मुकुल शरद सुतावाने एवं तरुण शिवा, उपाध्यक्ष सेलोनिस इंडिया ने किया।

केंद्र का उद्घाटन करते हुए आईआईआईटी इलाहाबाद के निदेशक ने कहा कि सेलोनिस-आईआईआईटीए रिसर्च सेंटर हमारे अकादमिक अनुसंधान में उद्योग स्तरीय प्रासंगिकता लाने का एक अनूठा अवसर है। आईआईआईटीए में, प्रोसेस माइनिंग सिर्फ एक उभरता हुआ क्षेत्र नहीं है, यह हमारे अग्रणी बी.टेक. (बिजनेस इंफॉर्मेटिक्स) कार्यक्रम की एक मुख्य विशेषज्ञता है। इस सहयोग के माध्यम से, हमारे संकाय और छात्र एआई, डेटा साइंस और एंटरप्राइज ऑर्केस्ट्रेशन में कुछ सबसे उन्नत उपकरणों तक पहुंच प्राप्त करेंगे और उन्हें लागू करेंगे। उद्योगों में वास्तविक दुनिया की समस्याओं पर प्रभाव दोहरा होगा। यह प्रक्रिया बुद्धिमत्ता के विज्ञान को आगे बढ़ाएगा, साथ ही ऐसे स्नातकों की एक पाइपलाइन तैयार करेगा जो उद्यम परिवर्तन भूमिकाओं का नेतृत्व करने के लिए विशिष्ट रूप से तैयार हैं।

सेलोनिस इंडिया सीओई, एपीएसी सर्विसेज और साइट लीडर के उपाध्यक्ष तरुण शिवा ने कहा कि ट्रिपल आई टी के साथ यह साझेदारी हमारी भारत यात्रा में एक नया मील का पत्थर है और डिजिटल परिवर्तन में भारत के नेतृत्व को आगे बढ़ाने की संयुक्त प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सेलोनिस की तकनीक को ट्रिपल आईटी की शैक्षणिक क्षमताओं के साथ जोड़कर हम एक ऐसा वातावरण बना रहे हैं जहां छात्र और शोधकर्ता सीधे उद्योग की चुनौतियों पर काम कर सकते हैं।

संस्थान के पीआरओ डॉ. पंकज मिश्र ने बताया कि यह केंद्र भारत में सेलोनिस की पहली अकादमिक अनुसंधान प्रयोगशाला है जो विकास बाजार और नवाचार केंद्र दोनों के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालती है। नया केंद्र ऑब्जेक्ट-सेंट्रिक प्रोसेस माइनिंग, एआई-संचालित व्यवसाय अनुकूलन और वास्तविक दुनिया के वाणिज्यिक अनुप्रयोगों जैसे उच्च प्रभाव वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा। यह कार्यशालाओं, कैपस्टोन परियोजनाओं और लाइव उद्यम चुनौतियों के साथ व्यावहारिक सीखने के माध्यम से नई प्रतिभा का भी पोषण करेगा, यह सुनिश्चित करेगा कि छात्र डिजिटल परिवर्तन में करियर के लिए तैयार हों।

हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र