आईपी विश्वविद्यालय में समावेशी चिकित्सा और स्वास्थ्य पर संगोष्ठी
नई दिल्ली, 30 अगस्त (हि.स.)। गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपी) के यूनिवर्सिटी इनक्लूजन एंड एक्सेसिबिलिटी सेल ने समावेशी चिकित्सा और स्वास्थ्य: बच्चों और वयस्कों के लिए, दिव्यांग और अक्षम दोनों के लिए विषय पर दो दिवसीय संगोष्ठी का आयो
चिकित्सा और स्वास्थ्य पर संगोष्ठी में प्रो. शालिनी गर्ग और कुलपति डॉ. महेश वर्मा के साथ प्रतिभागी।


नई दिल्ली, 30 अगस्त (हि.स.)। गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपी) के यूनिवर्सिटी इनक्लूजन एंड एक्सेसिबिलिटी सेल ने समावेशी चिकित्सा और स्वास्थ्य: बच्चों और वयस्कों के लिए, दिव्यांग और अक्षम दोनों के लिए विषय पर दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया।

कार्यक्रम के उद्घाटन दिवस पर 176 से अधिक छात्रों और शिक्षकों ने भाग लिया। इनमें अष्टावक्र इंस्टीट्यूट ऑफ रिहैबिलिटेशन साइंस एंड रिसर्च, अवध सेंटर ऑफ एजुकेशन और एक्शन फॉर ऑटिज्म जैसे संस्थानों के प्रतिभागी शामिल रहे।

कार्यक्रम निदेशक प्रो. शालिनी गर्ग ने कहा कि यह आयोजन केवल एक शैक्षणिक पहल नहीं बल्कि एक सामाजिक और मानवीय आह्वान है।

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. महेश वर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य 'मैं' से नहीं बल्कि 'हम' से शुरू होता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अक्षम नहीं बल्कि अलग तरह से सक्षम होते हैं और समावेशिता केवल रैंप या स्पर्श पथ तक सीमित नहीं, बल्कि समाज की सोच और हृदय से आनी चाहिए।

संगोष्ठी के दौरान तीन पहलों का शुभारंभ किया गया- समावेश और पहुंच ई-पत्रिका का 10वां संस्करण, समावेशी चिकित्सा व स्वास्थ्य पर प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम (वी-शेष के सहयोग से) और सहायक प्रौद्योगिकी पर संसाधन किट।

प्रतिभागियों को भारतीय सांकेतिक भाषा का परिचय दिया गया और विकलांग व्यक्तियों पर एक जागरूकता प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई। साथ ही, सीइंग एआई जैसे एआई टूल्स और एडीआईपी योजना जैसी सरकारी पहल की जानकारी दी गई, जिनसे दिव्यांगजनों को स्वतंत्रता और सुविधा मिल सकेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी