फॉर्मर आईडी कार्ड निर्माण को लेकर पंचायतों में कैम्प
अररिया, 30 अगस्त(हि.स.)। किसानों को खेती से जुड़ी योजनाओं का लाभ आसानी से मिले इसको लेकर पूरे प्रखंड क्षेत्र में फॉर्मर आईडी कार्ड बनाने का मुहिम चलाया जा रहा है। प्रखंड के रहिकपुर ठीलामोहन, हलहलिया,तिरसकुंड आदि पंचायत में कृषि विभाग द्वारा शनिवार
अररिया फोटो: फॉर्मर आईडी कार्ड निर्माण को लेकर कैंप


अररिया, 30 अगस्त(हि.स.)।

किसानों को खेती से जुड़ी योजनाओं का लाभ आसानी से मिले इसको लेकर पूरे प्रखंड क्षेत्र में फॉर्मर आईडी कार्ड बनाने का मुहिम चलाया जा रहा है।

प्रखंड के रहिकपुर ठीलामोहन, हलहलिया,तिरसकुंड आदि पंचायत में कृषि विभाग द्वारा शनिवार को शिविर का आयोजन किया गया।मानिकपुर में आयोजित शिविर में मौके पर मौजूद कृषि समन्वयक प्रियंका कुमारी ने जानकारी देते हुए बताया की किसानों के लिए अब खेती से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेना और भी आसान होने वाला है।

केंद्र सरकार ने एक नई पहल के तहत किसानों को एक यूनिक फॉर्मर आईडी देने की योजना बनाई है, जो बिल्कुल एटीएम कार्ड की तरह काम करेगी। इस आईडी से किसानों को सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मिलने में आसानी होगी और बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।फॉर्मर आईडी 11 अंकों की यूनिक पहचान संख्या होगी, जो आधार नंबर से जुड़ी होगी।इसमें किसान का नाम, खेती का रकबा, बोई गई फसलें, भूमि का जीपीएस लोकेशन, पिछले वर्षों में मिली सरकारी योजनाओं का लाभ आदि सारी जानकारियां डिजिटली दर्ज होंगी।इस पहल को ‘एग्रीस्टैक परियोजना’ के तहत लाया गया है, जिसे कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा लागू किया जाएगा।

हर वह किसान जो खेती करता है,पीएम किसान योजना के तहत मिलने वाले सालाना 6 हजार जैसे लाभ सीधे और बिना अतिरिक्त दस्तावेज के मिल सकेंगे।फसल बीमा योजना, सब्सिडी, किसान क्रेडिट कार्ड लोन, और एमएसपी पर फसल खरीद जैसी सुविधाएं तेजी से और आसान तरीके से मिलेंगी।किसान अपनी खेती की जरूरतों के अनुसार सलाह, मिट्टी की जांच, और मौसम आधारित जानकारी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्राप्त कर सकेंगे।फॉर्मर आईडी से योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और जिन किसानों को अभी तक योजनाओं का लाभ नहीं मिला है, उनकी पहचान भी आसानी से हो सकेगी।फॉर्मर आईडी पाने के लिए राज्य सरकारें किसानों का डेटा इकट्ठा कर रही हैं।

इसमें आधार कार्ड, खतौनी, मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट की जानकारी शामिल होगी। जल्द ही यह सुविधा ऑनलाइन पोर्टल और कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से शुरू की जाने की बात जानकार बता रहें हैं। मौके पर कृषि समन्वयक प्रियंका कुमारी, किसान सलाहकार मुरली मनोहर , सचिदानंद मंडल,राम प्रकाश मंडल, बेचन ठाकुर आदि मौजूद थे।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर