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शिमला, 30 अगस्त (हि.स.)। जिला शिमला में पंचायत स्तर पर डेयरी कोआपरेटिव सोसाइटी का गठन किया जाएगा। पहले चरण में 57 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है, जिनमें से 8 पंचायतों में डेयरी सोसाइटी का गठन पूरा हो चुका है। ये जानकारी शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप ने शनिवार को जिला स्तरीय डयेरी विकास समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य पशुपालकों को सहायता प्रदान कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना है। हर सोसाइटी में कम से कम 11 सदस्य होना अनिवार्य होगा, और मिल्क फेडरेशन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन भी आवश्यक है।
उपायुक्त ने इन 57 पंचायतों के खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे डेयरी कोआपरेटिव सोसाइटी के पंजीकरण की प्रक्रिया 10 सितंबर तक पूरी कर लें। जिन 8 पंचायतों में पंजीकरण प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उन्हें अगले कदमों के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक पंचायत में केवल एक ही कोऑपरेटिव सोसाइटी बनेगी।
उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग द्वारा किए गए सर्वे के आधार पर इन 57 पंचायतों का चयन किया गया है, जहां रोजाना 200 लीटर से अधिक दूध का उत्पादन हो रहा है। चयनित पंचायतों में बम्टा, केदी, चंडलोग, पुजारली, गोपालपुर, शाहधार, और मझठाई जैसी पंचायतें शामिल हैं।
अब तक 8 पंचायतों में डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी का गठन किया जा चुका है, जिसमें रोहड़ू और चिढ़गांव विकास खंड के तहत विभिन्न सोसाइटीज शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि उपायुक्त की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय डेयरी विकास समिति का गठन किया जाएगा, जो इस योजना के क्रियान्वयन को सुनिश्चित करेगी। समिति पंचायतों का चयन, विभागों की जिम्मेदारी और मासिक प्रगति रिपोर्ट तैयार करने का काम करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा