स्वच्छता और शहरी विकास एक ही सिक्के के दो पहलू: मनोहर लाल
नई दिल्ली, 30 अगस्त (हि.स.)। केंद्रीय आवास और शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को कहा कि स्वच्छता और शहरी विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। यह बातें उन्होंने मंत्रालय के स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत सभी राज
बैठक करते केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल


नई दिल्ली, 30 अगस्त (हि.स.)। केंद्रीय आवास और शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को कहा कि स्वच्छता और शहरी विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। यह बातें उन्होंने मंत्रालय के स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ एक उच्चस्तरीय वर्चुअल बैठक के दौरान दिया। इस बैठक में शहरी भारत में स्वच्छता की दिशा में सुधार के लिए कई अहम फैसले लिए गए।

मनोहर लाल ने कहा कि स्वच्छता को प्राथमिकता देने के लिए शहरी क्षेत्रों में अपशिष्ट जल और डंप साइट्स की पहचान की जानी चाहिए। साथ ही इन स्थानों को बदलने और सौंदर्यीकरण की प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। मंत्रालय ने राज्यों से अपशिष्ट जल क्षेत्रों की पहचान कर उनका समयबद्ध रूप से निपटारा करने के लिए रूपरेखा तैयार करने की अपील की। इसके लिए स्वच्छता ऐप का उपयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है, जिसके जरिए नागरिक अपनी शिकायतों को दर्ज कर सकते हैं और अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए मदद प्राप्त कर सकते हैं। स्वच्छता का उद्देश्य केवल कागजों पर नहीं, बल्कि हर नागरिक के जीवन में दिखे और महसूस हो। स्वच्छता के साथ-साथ शहरी विकास को एक साथ लाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि शहरों को अधिक स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके।

आवास और शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने मीटिंग में राज्यों से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में तेजी लाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन-यू 2.0 के पूरा होने में केवल 12 महीने शेष हैं, इसलिए निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी प्रमुख लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए तेज़ी से आगे बढ़ने का समय आ गया है।

स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत सरकार ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में तेजी लाने और कचरा मुक्त शहरों के निर्माण के लिए राज्य सरकारों को सख्त निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने इसके लिए एक विशेष दिशा-निर्देश स्वच्छ शहर जोड़ी भी जारी किया है, जो सफल स्वच्छता मॉडलों को बढ़ावा देने का काम करेगा। इस दिशा में राज्यों को नागरिकों के सहयोग से काम करने और अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्रों में तेजी लाने के लिए कहा गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर