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-बीकेटीसी को ध्यान गुफा हस्तांतरित करने के लिए जीएमवीएन ने दी अनापत्ति
देहरादून, 30 अगस्त (हि. स.)। केदारनाथ धाम की प्रसिद्ध ध्यान गुफा का संचालन अब बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) करेगी। अब तक गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन ) की ओर से रूद्र ध्यान गुफा का प्रबंधन किया जा रहा था। जीएमवीएन ने बीकेटीसी को ध्यान गुफा हस्तांतरित करने के लिए अनापत्ति दे दी है।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि शासन के निर्देश के क्रम में केदारनाथ धाम स्थित ध्यान गुफा को बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को हस्तान्तरण किये जाने के लिए जीएमवीएन की ओर से बीते 29 अगस्त को अनापत्ति दे दी है। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने इस संबंध में बीकेटीसी को अवगत कराया है।
महाप्रबन्धक (पर्यटन) गढवाल मंडल विकास निगम ने बताया कि केदारनाथ धाम स्थित ध्यान गुफा का संचालन वर्तमान में जीएमवीएन के माध्यम से किया जा रहा है। उक्त गुफा का संचालन बीकेटीसी को दिये जाने पर जीएमवीएन को कोई आपत्ति नहीं है, वहीं गुफा के बीकेटीसी को हस्तांतरित किये जाने पर माह सितम्बर 2025 से अक्टूबर 2025 तक 15 पर्यटकों द्वारा ध्यान गुफा के लिए ऑनलाइन अग्रिम आरक्षण किया है जोकि पूर्व की भांति बना रहेगा तथा शीघ्र जीएमवीएन ध्यान गुफा बीकेटीसी को हस्तांतरित करेगा।
केदारनाथ मंदिर से डेढ़ किमी दूरी पर स्थित ध्यान गुफा तब अधिक प्रसिद्ध हुई जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मई 2019 में अपनी केदारनाथ धाम दर्शन भ्रमण यात्रा के दौरान ध्यान गुफा में साधना की थी। इस गुफा को रूद्र ध्यान गुफा भी कहा जाता है। पर्यटन विभाग ने 2018 में यहां पर मौजूद प्राकृतिक गुफा को नया स्वरूप देकर इसका नाम ध्यान गुफा रखा।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार