अभाविप नीत डूसू दिल्ली विवि की छात्राओं को 'स्वयंसिद्धा' कार्यक्रम के तहत करेगा सम्मानित
नई दिल्ली, 30 अगस्त (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) नीत दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ ने शनिवार को जानकारी दी कि एक सितंबर को ''स्वयंसिद्धा'' कार्यक्रम के अंतर्गत विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। इस कार्य
अभाविप दिल्ली प्रांत मंत्री सार्थक शर्मा (फाइल फोटो)।


नई दिल्ली, 30 अगस्त (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) नीत दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ ने शनिवार को जानकारी दी कि एक सितंबर को 'स्वयंसिद्धा' कार्यक्रम के अंतर्गत विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता होंगी। वर्ष 2014 से अभाविप नीत छात्रसंघ लगातार इस कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है, ताकि विश्वविद्यालय की उत्कृष्ट छात्राओं को सम्मानित किया जा सके।

इस कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं को शैक्षणिक गतिविधियों, एनसीसी, एनएसएस, ईसीए और खेलकूद के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु सम्मानित किया जाएगा। साथ ही कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी होगा, जिनमें विश्वविद्यालय की छात्राएं भाग ले सकेंगी। इन प्रतियोगिताओं में रंगोली, संगीत, नाटक, कला, फेस पेंटिंग, पोस्टर मेकिंग आदि शामिल होंगी। इसके अतिरिक्त सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें छात्राएं अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगी।

अभाविप दिल्ली के प्रांत मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि अभाविप सदैव ही परिसरों में छात्राओं के लिए कार्य करता रहा है। इसी कड़ी में इस वर्ष भी स्वयंसिद्धा कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जिसमे मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता है। उन्होंने कहा कि अभाविप निरंतर ही छात्राओं की उपलब्धियों को पहचानकर न केवल उन्हें सम्मानित करता है बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी समाज में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित करता है।

उल्लेखनीय है कि स्वयंसिद्धा के माध्यम से छात्राओं को समाज में सक्रिय होने और विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने का अवसर मिलता है, इन कार्यक्रमों से छात्राएं अपने आप को स्वंतत्र एवं मजबूत पाती है। पिछले वर्ष भी अभाविप नीत डूसू द्वारा एक हजार से अधिक छात्राओं को स्वयंसिद्धा कार्यक्रम के तहत सम्मानित किया गया था। इस बार एस कार्यक्रम में डीयू में पढ़ रही 5000 से अधिक विभिन्न कॉलेजों की छात्राओं ने अब तक इस कार्यक्रम में पंजीकरण किया है। अभाविप एकमात्र ऐसा छात्र संगठन है जो अपनी स्थापना से ही मां भारती की सेवा में कार्यरत है। अभाविप का मानना है की कोई भी राष्ट्र तब तक सशक्त नहीं हो सकता जब तक वहां की महिलाएं सशक्त न हो।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी