अपरिपक्व एफडी से धन ट्रांसफर पर सतर्क रहें बैंक: पुलिस कमिश्नर
बैंक अफसरों संग बैठक कर साइबर अपराधों से बचाव को लेकर किया जागरूक वाराणसी,28 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गुरुवार को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए बैंक अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय ब
सीपी और बैंक अफसरों की बैठक


बैंक अफसरों संग बैठक कर साइबर अपराधों से बचाव को लेकर किया जागरूक

वाराणसी,28 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गुरुवार को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए बैंक अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य आम जनता को साइबर ठगी से बचाना और बैंकिंग प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाना था। बैठक में पुलिस कमिश्नर ने बैंकों के अफसरों को एक प्रश्नावली उपलब्ध कराई ।

उन्होंने कहा कि ऐसे ग्राहक जो बड़े धनराशि की निकासी अथवा अपरिपक्व एफडी तोड़कर अन्य खातों में धनराशि ट्रांसफर करते है, ऐसे ग्राहकों से उक्त फॉर्म अनिवार्य रूप से भरवाया जाए, ताकि यदि वे किसी साइबर अपराधियों के जाल में फँसे हों तो समय से आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके । पुलिस कमिश्नर ने बैंक के अफसरों से कहा कि अपरिपक्व एफडी तोड़ने वालों की बैंक मौखिक रूप से भी साइबर अपराध के प्रति जागरूक करेंगे । यदि खाताधारक अपरिपक्व एफडी तोड़कर पैसा किसी अकाउंट में ट्रांसफर करता है तो बैंक उक्त अकाउंट के विरूद्ध पैसा ट्रांफर करने से पहले यह जाँच कर लें कि उक्त अकाउंट के विरूद्ध एनसीआरपी पर कोई कम्पलेन तो दर्ज नहीं है । बैंक अपनी शाखाओं में साइबर जागरूकता से संबंधित फ्लेक्स बोर्ड, स्टैंडी एवं क्यूआर/निवेश आदि से बचाव संबंधी सूचनात्मक सामग्री अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें, जिससे ग्राहक साइबर अपराधों के प्रति अधिक जागरूक, सजग एवं सतर्क रह सकें। उन्होंने कहा कि किसी भी चालू खाता को खोलने से पूर्व भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाय। साइबर अपराधियों द्वारा गरीब एवं असहाय व्यक्तियों को लालच देकर म्यूल अकाउंट खुलवाए जाने की जानकारी प्राप्त होने पर बैंक अनिवार्य रूप से इसकी सूचना पुलिस से साझा करें। डिजिटल अरेस्ट सहित अन्य साइबर अपराधों से बचाव के लिए ग्राहकों को लगातार जागरूक किया जाए और बैंक स्तर पर सक्रिय सतर्कता बरती जाए, ताकि आमजन को ठगी से सुरक्षित रखा जा सके । बैंक अनिवार्य रूप से इनफार्मेशन शेयरिंग एवं एंटी मनी लॉन्ड्रिंग मानकों का पालन करें तथा संदिग्ध लेन-देन को गंभीरता से लेकर समय पर रिपोर्ट सुनिश्चित करें, जिससे साइबर अपराधों एवं वित्तीय अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके । साइबर सुरक्षा एवं बचाव के संदर्भ पर समन्वय बैठक प्रत्येक माह नियमित रूप से आयोजित किया जाय। बैठक में पुलिस उपायुक्त अपराध सरवणन टी, अपर पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) नीतू, सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध) विदुष सक्सेना भी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी