सत शर्मा ने गुरु पूर्णिमा के भव्य आयोजन का किया आह्वान
जम्मू, 8 जुलाई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जम्मू और कश्मीर ने जिला विकास परिषद (डीडीसी) के सदस्यों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ भाजपा मुख्यालय त्रिकुटा नगर जम्मू में संगठनात्मक बैठकों की एक श्रृंखला आयोजित की। जम्मू और कश्मीर भाजपा अध्यक
सत शर्मा ने गुरु पूर्णिमा के भव्य आयोजन का किया आह्वान


जम्मू, 8 जुलाई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जम्मू और कश्मीर ने जिला विकास परिषद (डीडीसी) के सदस्यों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ भाजपा मुख्यालय त्रिकुटा नगर जम्मू में संगठनात्मक बैठकों की एक श्रृंखला आयोजित की। जम्मू और कश्मीर भाजपा अध्यक्ष सत शर्मा जम्मू और कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा के राज्य महासचिव सुनील शर्मा पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता, भाजपा महासचिव एडवोकेट विबोध गुप्ता, डीडीसी अध्यक्ष भारत भूषण और भाजपा मुख्यालय प्रभारी प्रिया सेठी ने बैठकों को संबोधित किया।

सत्र का एक प्रमुख आकर्षण सत शर्मा द्वारा गुरु पूर्णिमा को भारतीय संस्कृति और हमारे सांस्कृतिक गौरव के त्योहार के रूप में मनाने का आह्वान था। सत शर्मा ने कहा गुरु पूर्णिमा एक पवित्र अवसर है जो समाज को धार्मिक और आध्यात्मिक गुरुओं, शिक्षकों और आकाओं के प्रति कृतज्ञता, ज्ञान और सम्मान के मूल्यों से बांधता है। हमारे पार्टी नेताओं और जनप्रतिनिधियों को इसे एक जन भागीदारी कार्यक्रम के रूप में मनाना चाहिए जो भाजपा की मजबूत सांस्कृतिक नींव को दर्शाता है। उन्होंने डीडीसी सदस्यों से सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने और सार्वजनिक बंधन को मजबूत करने का आग्रह किया। सुनील शर्मा ने टिप्पणी की कि भाजपा केवल सत्ता की नहीं बल्कि मूल्यों की राजनीति में विश्वास करती है।

सामूहिक रूप से गुरु पूर्णिमा मनाना हमारी सभ्यता की विरासत को पोषित करने की दिशा में एक कदम है। उन्होंने भाजपा नेताओं खासकर विधायकों और डीडीसी सदस्यों समेत पार्टी के जनप्रतिनिधियों को शासन और जनता के बीच सेतु करार दिया और सामाजिक कार्यों में उनकी स्पष्ट और सार्थक भागीदारी पर जोर दिया। कविंदर गुप्ता ने कहा कि गुरु पूर्णिमा हमारी जड़ों और लोगों से जुड़ने का एक अवसर है। उन्होंने कहा कि हमारे निर्वाचित प्रतिनिधियों को ऐसे अवसरों का उपयोग हमारी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और जनता के साथ जुड़े रहने के लिए करना चाहिए। एडवोकेट विबोध गुप्ता ने कहा यह हर सांस्कृतिक अवसर को एक आउटरीच पहल में बदलने का समय है।

हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता