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नई दिल्ली, 02 सितंबर (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय ने आरक्षण में क्रीमी लेयर के मामले में केंद्र सरकार को कोई राहत देने से इनकार कर दिया है। उच्चतम न्यायालय ने इस मामले पर अपने पुराने आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली बेंच ने सभी पक्षों को 17 सितंबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
केंद्र सरकार ने क्रीमी लेयर मामले में उच्चतम न्यायालय से 11 मार्च के फैसले को पिछली तारीख से लागू न करने और इसे लागू करने के लिए दो साल का समय देने की मांग की है। केंद्र सरकार का कहना है कि इस फैसले का असर सरकारी नौकरियों, सर्विस और कैंसर आवंटन, सीनियरिटी, उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिला और 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों पर पड़ सकता है।
केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर कहा है कि 11 मार्च के फैसले में स्पष्टीकरण दिया जाए क्योंकि इस फैसले को लागू करने से बड़े स्तर पर असर पड़ सकता है। इसके तहत उन उम्मीदवारों को भी गैर क्रीमी लेयर माना जा सकता है जिनके माता-पिता की आय अधिक है। केंद्र सरकार ने मांग की है कि इसके लिए दो साल का समय दिया जाए, ताकि इस दौरान उन पदों की समानता तय करने की जरुरी प्रक्रिया पूरी की जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार /संजय
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हिन्दुस्थान समाचार / वीरेन्द्र सिंह