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हैदराबाद, 02 सितंबर (हि.स.)। तेलंगाना की प्रमुख विपक्षी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने बुधवार को हैदराबाद में कांग्रेस सरकार के खिलाफ 'आरोप पत्र' जारी किया, जिसमें उस पर अपने चुनावी वादों को निभाने में विफल रहने और तेलंगाना के लोगों को 1,000 दिनों का संकट देने का आरोप लगाया गया। पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष के.टी. रामा राव ने वरिष्ठ नेता टी. हरीश राव और अन्य नेताओं के साथ मिलकर यह आरोप पत्र जारी किया।
हैदराबाद के तेलंगाना भवन में आरोप पत्र जारी करते हुए केटी रामाराव ने कहा कि कांग्रेस ने 420 गारंटी, 13 घोषणाएं और 6 प्रमुख गारंटी देने का वादा किया था, लेकिन वह अपने बड़े वादों को पूरी तरह लागू करने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने 100 दिनों के भीतर स्वर्ग का वादा किया था, लेकिन बीते 1,000 दिनों में नर्क दिया है। कांग्रेस शासन को 'आपराधिक बर्बादी' करार देते हुए उन्होंने उस पर तेलंगाना को विनाश और विरूपण के राज्य में बदलने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने बिना कोई नया प्रमुख ढांचा या संपत्ति बनाए 4.5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया। कांग्रेस पर केवल बीआरएस शासन के दौरान शुरू की गई परियोजनाओं का उद्घाटन करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि एक भी ईंट, तालाब या चेक डैम नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने तीन चेक डैमों को विस्फोट से उड़ा दिया। साथ ही उन्होंने पेदावागु परियोजना, सुंकिशाला परियोजना की रिटेनिंग वॉल के नुकसान और श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल सुरंग के ढहने के बाद सरकार की निष्क्रियता पर कड़ा प्रहार किया।
बीआरएस के कार्यवाहक अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 50,000 करोड़ रुपये की कृषि ऋण माफी का वादा किया था, लेकिन आखिरकार केवल 20,000 करोड़ रुपये ही लागू किए। उन्होंने कहा कि किसान एक बार फिर यूरिया की किल्लत और खरीद केंद्रों पर देरी का सामना कर रहे हैं, जबकि रायतु बंधु और रायतु बीमा जैसी योजनाओं को कमजोर कर दिया गया है या बंद कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बजाय फुटबॉल मैचों जैसे महंगे कार्यक्रमों पर धन खर्च किया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj