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फिरोजाबाद, 12 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जनपद न्यायालय में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। इसमें कुल 184298 वादों का निस्तारण हुआ। जिनमें अर्थदण्ड एवं समझौता राशि कुल 15,42,23,508 रुपये रही।
कार्यक्रम का उद्घाटन अध्यक्ष प्राधिकरण, जनपद न्यायाधीश डा० बब्बू सारंग ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। इस मौके पर जिला जज ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय व्यवस्था को आमजन के अधिक निकट लाने का एक महत्वपूर्ण एवं प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से वादों का निस्तारण आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर सरल, त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से किया जाता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालतों की विशेषता यह है कि यहाँ विवादों के समाधान में केवल विधिक प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि पक्षकारों के बीच आपसी संवाद, विश्वास एवं समझ को भी महत्व दिया जाता है, जिससे विवादों का स्थायी एवं व्यावहारिक समाधान संभव हो पाता है।
प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय अरविन्द कुमार सिंह ने कहा कि लोक अदालतें पारिवारिक विवादों के समाधान का प्रभावी मंच हैं। इनके माध्यम से पक्षकारों के मध्य आपसी समझ एवं सौहार्द स्थापित करते हुए विवादों का समाधान कराया जाता है, जिससे परिवारों में शांति एवं सद्भाव बना रहता है।
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी महेन्द्र सिंह ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों का आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर त्वरित निस्तारण किया जा सकता है। इससे पीड़ित पक्षकारों को शीघ्र राहत प्राप्त होती है तथा उन्हें लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलती है।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आमजन को सुलभ एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांगेह ने कहा कि लोक अदालतें विवादों के शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण समाधान का प्रभावी माध्यम हैं। कार्यक्रम का संचालन प्राधिकरण की सचिव सुश्री योगेश शिवा ने किया। इस अवसर पर एडीएम कल्पना जायसवाल, एएसपी रवि शंकर प्रसाद एवं बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सहित अनेक न्यायिक अधिकारी, अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / कौशल राठौड़