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शहडोल, 12 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र के आखेटपुर के डाला टोला में 70 वर्षीय श्यामकली पटेल का नागपुर में इलाज के दौरान निधन हुआ, शनिवार को शव एंबुलेंस से गांव तक तो पहुंचा, लेकिन घर से महज एक किलोमीटर पहले कीचड़ से सना रास्ता एंबुलेंस के पहिए रोक गया। मजबूर परिजनों को शव को बैलगाड़ी पर रखकर करीब एक किलोमीटर तक कीचड़ भरे रास्ते से घर ले जाना पड़ा।
जिले के ग्राम पंचायत आखेटपुर के वार्ड नंबर-1 डाला टोला निवासी 70 वर्षीय श्यामकली पटेल का नागपुर में उपचार के दौरान निधन हो गया। परिजन उनका शव शनिवार को एंबुलेंस से गांव तक लेकर पहुंचे, लेकिन घर से करीब एक किलोमीटर पहले रास्ते ने एंबुलेंस के पहिए रोक दिए। बारिश के बाद सड़क की हालत ऐसी थी कि चार पहिया वाहन आगे बढ़ना मुश्किल था, सड़क पर जगह-जगह कीचड़ और दलदल होने के कारण एंबुलेंस को आगे नहीं ले जाया जा सका। जिस शव को एंबुलेंस से लाया गया था, उसे करीब एक किलोमीटर तक बैलगाड़ी में रखकर घर पहुंचाना पड़ा। यह सिर्फ एक परिवार की मजबूरी नहीं, बल्कि उस गांव की बदहाल सड़क व्यवस्था की तस्वीर बनकर सामने आई है।
विकास की योजनाओं का लाभ आखिर किस तक पहुंच रहा
जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र पटेल का कहना है कि डाला टोला तक सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार शासन-प्रशासन को अवगत कराया गया, ग्रामीणों ने सड़क की समस्या दूर करने की गुहार लगाई, लेकिन इसके बावजूद अब तक सड़क का स्थायी समाधान नहीं हो सका। सवाल यह है कि जब किसी गांव में जीवित व्यक्ति के लिए एंबुलेंस और मृतक के लिए अंतिम यात्रा तक सड़क उपलब्ध नहीं हो, तो फिर विकास की योजनाओं का लाभ आखिर किस तक पहुंच रहा है।
मनीष शुक्ला
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला