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हमीरपुर, 11 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले मे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी के चलते एससी-एसटी एक्ट कोर्ट ने दुष्कर्म और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने के मामले में अभियुक्त को दोषी करार देते हुए शुक्रवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 39 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
अभियोजन की ओर से एसएसपी विजय सिंह ने बताया कि हमीरपुर जिले के राठ थाने में 29 जनवरी 2018 को बृजकिशोर उर्फ बिरजू माली पुत्र लल्लू माली निवासी बांकी, थाना सुमेरपुर के खिलाफ धारा 452, 376, 504, 506 आईपीसी और 3(2)(5) एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोप था कि अभियुक्त वादी के घर में घुसा और उसकी 18 वर्षीय पुत्री के साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की।
पुलिस और अभियोजन विभाग ने समन्वय कर गवाहों के साक्ष्य कराते हुए प्रभावी पैरवी की। शुक्रवार को न्यायालय ने अभियुक्त को दोषसिद्ध कर आजीवन कारावास और 39 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। मामले के विवेचक क्षेत्राधिकारी सदर रजनीश कुमार उपाध्याय रहे। अभियोजन की ओर से एसएसपी विजय सिंह ने पैरवी की, जबकि पैरोकार कांस्टेबल शुभम यादव रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज मिश्रा