तेलंगानाः सीएम के भाई को भूमि आवंटन के आरोपों पर विधान परिषद में हंगामा, बीआरएस का वॉकआउट
हैदराबाद, 10 सितंबर (हि.स.)। तेलंगाना विधान परिषद में गुरुवार को विपक्षी भारत राष्ट्र समिति यानी बीआरएस से जुड़े सदस्यों ने भारी हंगामा किया। बीआरएस सदस्य मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के भाई को कथित तौर पर जमीन आवंटित किए जाने के मामले पर सदन में चर्
विधान परिषद से वॉकआउट कर पत्रकारों से बात करते बीआरएस के नेता


हैदराबाद, 10 सितंबर (हि.स.)। तेलंगाना विधान परिषद में गुरुवार को विपक्षी भारत राष्ट्र समिति यानी बीआरएस से जुड़े सदस्यों ने भारी हंगामा किया। बीआरएस सदस्य मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के भाई को कथित तौर पर जमीन आवंटित किए जाने के मामले पर सदन में चर्चा कराना चाहते थे। सभापति द्वारा चर्चा की अनुमति नहीं देने पर बीआरएस सदस्यों ने हंगामा किया और सदन से वॉकआउट कर गये।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के भाई अनुमुला कोंडल रेड्डी से जुड़ी कंपनी टेसरेक्त एडवांस्ड सिस्टम्स को सरकारी जमीन के कथित आवंटन पर चर्चा कराने की अनुमति देने से सरकार के इनकार के विरोध में बीआरएस सदस्यों के वॉकआउट करने से गुरुवार को विधान परिषद में हंगामेदार दृश्य देखने को मिले।

बीआरएस सदस्य विधान परिषद की कार्यवाही की शुरुआत में ही स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी अपने परिवार के सदस्यों को लाभ पहुंचाने के लिए पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 200 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि टेसरेक्त एडवांस्ड सिस्टम्स को मात्र 7 करोड़ रुपये में आवंटित की गई, जिससे मुख्यमंत्री के भाई कोंडल रेड्डी को फायदा पहुंचा, जो इस कंपनी से जुड़े हैं।

हालांकि, परिषद के सभापति गुत्ता सुखेंदर रेड्डी ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया और प्रश्नकाल की कार्यवाही आगे बढ़ाई, जिसके बाद बीआरएस सदस्यों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। बीआरएस सदस्यों ने करीब आधे घंटे तक नारेबाजी की। इस दौरान एमएलसी देशपति श्रीनिवास को मार्शलों द्वारा वेल में प्रवेश करने से रोकने के प्रयास की विपक्ष के नेता एस. मधुसूदन चारी ने आलोचना की। बीआरएस सदस्यों ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी कांग्रेस निलंबन और बोलने का अवसर न देकर विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

संसदीय कार्य मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने बीआरएस सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने और कार्यवाही के सुचारू संचालन में सहयोग करने की अपील की। हालांकि, बीआरएस सदस्यों ने अपना विरोध जारी रखा और सदन से वॉकआउट कर गए।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj