राहुल गांधी मानहानि मामले में वादी के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट में याचिका के लिए मांगा मौका, अब 17 अगस्त को बहस
सुलतानपुर, 05 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जिला सुलतानपुर के एमपी- एमएलए कोर्ट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले की सुनवाई बुधवार को हुई। वादी के अधिवक्ता संतोष पांडेय के मौका मांगे जाने के कारण कोर्ट ने उनके प्रार्थन
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (फाइल फोटो)।


सुलतानपुर, 05 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जिला सुलतानपुर के एमपी- एमएलए कोर्ट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले की सुनवाई बुधवार को हुई। वादी के अधिवक्ता संतोष पांडेय के मौका मांगे जाने के कारण कोर्ट ने उनके प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए 17 अगस्त बहस के लिए तिथि नियत की है।

राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बुधवार को बताया कि कोर्ट में आज वादी के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने मौका मांगा कि उन्हें सत्र न्यायालय में खारिज हुई याचिका को लेकर हाईकोर्ट में याचिका करना है। कोर्ट ने उनके प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए 17 अगस्त बहस के लिए तिथि नियत की है। पूर्व में इस मामले से संबंधित एक निगरानी याचिका एडीजे कोर्ट में विचाराधीन थी। 15 जुलाई को हुई सुनवाई पर इसे निरस्त कर दिया गया था। निगरानी याचिका निरस्त होने के बाद मूल पत्रावली वापस आनी थी, जिसके बाद मामले में बहस होनी थी।

यह निगरानी याचिका एडीजे कोर्ट संख्या 5 में राहुल गांधी के वॉइस सैंपल से संबंधित थी। परिवादी विजय मिश्रा ने यह याचिका दाखिल की थी। याचिका में पत्रावली में संलग्न सीडी और राहुल गांधी की आवाज के नमूने का विधि विज्ञान प्रयोगशाला से मिलान कराने की मांग की गई थी। अदालत ने पाया कि यह प्रार्थना पत्र बेहद विलंब से दिया गया था और पूरी तरह से आधारहीन था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निचली अदालत ने अपने विवेक का सही इस्तेमाल किया है और इसमें किसी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। 2 मई को एमपी एमएलए कोर्ट ने वॉयस सैंपल मिलान की मांग खारिज कर दी थी। इसके बाद 21 मई को वादी के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने कोर्ट के सत्र न्यायालय में रिवीजन याचिका दायर की थी।

मामला कर्नाटक चुनाव के दौरान साल 2018 में राहुल गांधी द्वारा अमित शाह को लेकर की गई एक टिप्पणी से जुड़ा है। इस टिप्पणी से आहत होकर सुल्तानपुर के एमपी/एमएलए कोर्ट में भाजपा नेता विजय मिश्रा ने परिवाद दर्ज कराया था। कोर्ट से वारंट जारी होने के बाद राहुल गांधी पहली बार 20 फरवरी 2024 को कोर्ट में हाजिर हुए थे, जहां कोर्ट ने उन्हें 25-25 हजार के दो मुचलके पर जमानत दे दी थी। इसके बाद, 26 जुलाई 2024 को राहुल ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया था। अंतिम बार राहुल गांधी 20 फरवरी 2026 को कोर्ट में अपना पक्ष रखने पहुंचे थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दयाशंकर गुप्त