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करौली, 09 जुलाई (हि.स.)। पांचना बांध के पानी के वितरण को लेकर करौली और सवाई माधोपुर जिले में कई दिनों से चल रहे किसान आंदोलन के बीच प्रशासन ने एहतियातन करौली जिले में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। गुरुवार रात 12 बजे से पूरे करौली जिले में इंटरनेट सेवा निलंबित कर दी गई, जबकि सवाई माधोपुर जिले की गंगापुर सिटी, बामनवास और वजीरपुर तहसीलों में भी इंटरनेट बंद रखा गया।
दरअसल, पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने के बावजूद कमांड एरिया के किसानों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचा। इससे नाराज किसानों ने करौली और सवाई माधोपुर के कई गांवों में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे समेत कई प्रमुख मार्गों पर जाम लगा दिया।
इस दौरान सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट तथा टिप्पणियां वायरल होने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने दो समुदायों के कुछ लोगों के खिलाफ विभिन्न थानों में मामले दर्ज किए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों पर रोक लगाने के उद्देश्य से प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया। पुलिस ने आमजन से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने तथा किसी भी प्रकार की भड़काऊ सामग्री साझा नहीं करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इधर आंदोलन को समाप्त कराने के लिए गुरुवार तड़के करीब तीन से चार बजे के बीच गंगापुर सिटी में जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत और कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों जिलों के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ कमांड क्षेत्र के किसान प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में किसानों ने समयबद्ध जल वितरण, नहरों की मरम्मत, तकनीकी खामियों के स्थायी समाधान, पारदर्शी जल प्रबंधन और भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति रोकने जैसी प्रमुख मांगें सरकार के समक्ष रखीं।
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी सभी उचित मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि करीब 20 वर्ष बाद बांध के गेट खोले जाने के कारण कुछ तकनीकी समस्याएं सामने आई हैं। अधिकारियों को सात दिनों के भीतर सभी गेटों और संबंधित संरचनाओं की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 17-18 जुलाई को किसान प्रतिनिधियों की मौजूदगी में बांध के गेटों का दोबारा परीक्षण किया जाएगा और नहरों में पानी छोड़कर पूरी सिंचाई व्यवस्था की जांच की जाएगी।
ग्रामीण विकास विभाग के सचिव कृष्ण कुणाल ने कहा कि पांचना परियोजना के टेस्ट रन के दौरान सामने आई तकनीकी खामियों का स्थायी समाधान किया जा रहा है, ताकि भविष्य में किसानों को निर्बाध सिंचाई जल उपलब्ध कराया जा सके। इससे पहले कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने देर रात विभिन्न धरनास्थलों का दौरा कर किसानों से संवाद किया। उन्होंने किसानों से शांति और संयम बनाए रखने तथा सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक संदेशों से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि सरकार कमांड और कैचमेंट क्षेत्र के सभी किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। सरकार की ओर से प्रमुख मांगों पर सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया तथा गंगापुर सिटी-हिंडौन मार्ग पर कुसाय और मेड़ी के पास लगाए गए जाम को भी खोल दिया। फिलहाल प्रशासन पूरे क्षेत्र में स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित