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नई दिल्ली, 08 जुलाई (हि.स.)। आम आदमी पार्टी (आआपा) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को इथेनॉल20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर 29 ऑटो मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि कंपनियां एक सप्ताह के भीतर लिखित जवाब दें कि 2023 से पहले की पेट्रोल गाड़ियों में ई20 का इस्तेमाल सुरक्षित है या नहीं।
अरविंद केजरीवाल ने आज पार्टी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि देश के 29 ऑटो मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को पत्र लिखकर ई20 पेट्रोल को लेकर उनके दावों पर लिखित जवाब मांगा। उन्होंने बताया कि मारुति, टोयोटा और हीरो को अलग पत्र भेजा गया है क्योंकि 4 जुलाई को हुई सरकारी पत्रकार वार्ता में इन कंपनियों के प्रतिनिधियों ने कहा था कि पुरानी गाड़ियों में ई20 के इस्तेमाल से केवल 3-5 प्रतिशत माइलेज कम होती है और वाहन को कोई नुकसान नहीं होता। उन्होंने दावा किया कि इन कंपनियों के ओनर मैनुअल में 2023 से पहले के कई मॉडलों के लिए 10 प्रतिशत से अधिक इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ई10 से ऊपर) के उपयोग की अनुमति नहीं है।
केजरीवाल ने कहा कि कंपनियों को यह स्पष्ट करना होगा कि उनकी वास्तविक आधिकारिक नीति क्या है। उन्होंने सभी कंपनियों से यह भी पूछा कि यदि ई20 के इस्तेमाल से किसी उपभोक्ता की माइलेज 5-10 प्रतिशत से अधिक घटती है या वाहन के किसी पुर्जे को नुकसान पहुंचता है, तो क्या कंपनियां इसकी भरपाई करेंगी।
उन्होंने बताया कि बाकी 26 कंपनियों को भी सामान्य पत्र भेजा गया है, जिसमें ई20 को लेकर उनकी स्थिति, संभावित माइलेज पर असर और वाहन को होने वाले नुकसान के बारे में स्पष्ट जवाब मांगा गया है।
केजरीवाल ने कहा कि वह गुरुवार को पेट्रोल पंप, सर्विस सेंटर और स्थानीय मैकेनिकों से मिलकर आम उपभोक्ताओं का अनुभव जानेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता पर ई20 थोपना चाहती है और इस मुद्दे पर लोगों की चिंताओं को नजरअंदाज कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कभी इसे ट्रायल बता रही है और कभी इसे पूरी तरह सुरक्षित, जिससे सरकार की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी