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कोलकाता, 08 जुलाई (हि. स.)। बारुईपुर में 12 वर्षीय नाबालिग से कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले के मुख्य आरोपित प्रभास मंडल की पुलिस मुठभेड़ में मौत के मामले में शामिल दो पुलिस अधिकारियों की पहचान सामने आई है। पुलिस की ओर से दावा किया गया है कि मंगलवार रात घटना के पुनर्निर्माण के दौरान प्रभास ने विशेष जांच दल (एसआईटी) के सदस्य और सब-इंस्पेक्टर रॉनी सरकार की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली थी। इसके बाद आत्मरक्षा तथा साथी पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए एसआईटी के सदस्य अर्घ्य मंडल ने जवाबी गोली चलाई।
पुलिस के मुताबिक, मंगलवार देर रात करीब साढ़े 12 बजे प्रभास मंडल को घटना के पुनर्निर्माण के लिए घटनास्थल पर ले जाया गया था। आरोप है कि पुनर्निर्माण शुरू होते ही उसने कैनिंग पुलिस सर्किल के प्रभारी सब-इंस्पेक्टर रॉनी सरकार की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली और एक राउंड गोली चलाकर भागने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान उसे रोकने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अर्घ्य मंडल ने गोली चलाई।
सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2014 बैच के पुलिस अधिकारी अर्घ्य मंडल वर्तमान में बारुईपुर थाने की गुंडा दमन शाखा के प्रभारी हैं। इससे पहले वह जयनगर, सोनारपुर और कुलतली थानों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वह पूर्व में बारुईपुर की विशेष अभियान इकाई (एसओजी) के प्रभारी भी रह चुके हैं।
वहीं, सब-इंस्पेक्टर रॉनी सरकार फिलहाल कैनिंग थाने की गुंडा दमन शाखा के प्रभारी हैं। उन्होंने अपने पुलिस सेवा जीवन की शुरुआत कांस्टेबल के रूप में की थी और बाद में पदोन्नति पाकर सब-इंस्पेक्टर बने। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह नरेंद्रपुर, बारुईपुर, जयनगर और बकुलतला सहित कई थानों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान, जब कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी चुनाव आयोग के अधीन थी, तब उन्होंने बकुलतला थाने के प्रभारी के रूप में भी कार्य किया था।
पुलिस का कहना है कि अर्घ्य मंडल की गोली लगने से प्रभास मंडल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल बारुईपुर महकमा अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बारुईपुर पुलिस जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर