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हैदराबाद, 21 जुलाई (हि.स.)। तेलंगाना के किसानों और आम जनता के लिए अच्छी बारिश और राहत की कामना करते हुए चिलकुर बालाजी मंदिर के वैदिक पंडितों और पुजारियों ने मंगलवार को गंडीपेट झील के तट पर एक विशेष वरुण जाप किया।
पारंपरिक वैदिक वर्षा-प्रेरक अनुष्ठान 'वरुण जाप' उस्मानसागर (गंडीपेट) झील पर मंगलवार को सुबह करीब 8 बजे शुरू हुआ और सुबह 11 बजे तक चला। यह अनुष्ठान हैदराबाद के बाहरी इलाके में स्थित मंदिर के पास बने उस्मानसागर (गंडीपेट झील) जलाशय में किया गया। सीएस लक्ष्मी नरसिम्हन की देखरेख में वैदिक पंडित और प्रार्थना करते समय कमर तक गहरे पानी में खड़े रहे।
वेदभवन के डॉ. वी. श्रीराम घनपाती के नेतृत्व में रित्विकों (पुजारियों) ने वेदों की तैत्तिरीय संहिता से लगातार वरुण जाप किया। जल और महासागरों के हिंदू देवता वरुण तथा भगवान इंद्र को प्रसन्न करने के लिए आमतौर पर 108 बार इन मंत्रों का जाप किया जाता है।
चिलकुर बालाजी मंदिर के पुजारियों ने मंगलवार को बताया कि सामूहिक प्रार्थना वाले इस 'वरुण जाप' का उद्देश्य समाज का कल्याण करना है, विशेष रूप से प्रचुर मानसूनी बारिश लाना, सूख रही फसलों को बचाना तथा पूरे राज्य में सूखती नदियों और जलाशयों को भरना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj