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हैदराबाद, 02 जुलाई (हि.स.)। तेलंगाना के मेडचल-मलकजगिरी जिले में गुरुवार को भूमि अधिकारों को लेकर आयोजित 'भू-पोराटाम' (भूमि संघर्ष) प्रदर्शन के दौरान राजनीतिक माहौल गरमा गया। तेलंगाना रक्षा सेना (टीआरएस) प्रमुख के. कविता, पार्टी के कई नेताओं, तेलंगाना आंदोलन के कार्यकर्ताओं और सैकड़ों समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
यह विरोध प्रदर्शन टीआरएस और तेलंगाना आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार चुनाव के दौरान किए गए उस वादे को पूरा करे, जिसके तहत तेलंगाना आंदोलन के कार्यकर्ताओं को 250 वर्ग गज भूमि देने की घोषणा की गई थी। साथ ही आंदोलनकारियों के सम्मान और उनके कल्याण के लिए ठोस कदम उठाने की भी मांग की गई।
प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में कई टीआरएस नेताओं और कार्यकर्ताओं को एहतियातन हिरासत में ले लिया था। नचाराम औद्योगिक क्षेत्र में प्रस्तावित धरना स्थल पर लगाए गए टेंट और अन्य व्यवस्थाओं को भी पुलिस ने हटवा दिया, ताकि प्रदर्शन न हो सके।
पुलिस की सख्ती के बावजूद के. कविता बोडुप्पल पहुंचीं और प्रतीकात्मक रूप से विरोध स्थल का नाम तेलंगाना उद्यमकरुला रक्षण कॉलोनी रखा। उन्होंने एक संक्षिप्त कार्यक्रम में भाग लिया, जिसके तुरंत बाद पुलिस ने हस्तक्षेप कर प्रदर्शन समाप्त करा दिया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक भी हुई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने के. कविता समेत कई नेताओं और समर्थकों को हिरासत में लेकर पुलिस स्टेशन पहुंचाया।
रिहा होने के बाद के. कविता ने कांग्रेस सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि तेलंगाना आंदोलन के कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों को उनका अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा और सरकार को अपने चुनावी वादे पूरे करने होंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj