लाल किला ब्लास्ट से जुड़े मामले में अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक की अंतरिम जमानत याचिका खारिज
नई दिल्ली, 09 जून (हि.स.)। दिल्ली के साकेत कोर्ट ने लाल किला ब्लास्ट से जुड़े मामले में अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जावेद अहमद सिद्दीकी की अपनी पत्नी की इलाज के दौरान देखभाल के लिए दायर अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। एडिशनल सेशंस जज शीतल च
लाल किला ब्लास्ट से जुड़े मामले में अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक की अंतरिम जमानत याचिका खारिज


नई दिल्ली, 09 जून (हि.स.)। दिल्ली के साकेत कोर्ट ने लाल किला ब्लास्ट से जुड़े मामले में अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जावेद अहमद सिद्दीकी की अपनी पत्नी की इलाज के दौरान देखभाल के लिए दायर अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। एडिशनल सेशंस जज शीतल चौधरी प्रधान ने अंतरिम जमानत याचिका खारिज करने का आदेश दिया।

जावेद अहमद सिद्दीकी ने कैंसर के चौथे स्टेज से जूझ रही अपनी पत्नी की इलाज के दौरान देखभाल के लिए छह हफ्ते की अंतरिम जमानत की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि आरोपित की मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक उसकी पत्नी की हालत स्थिर है और उनकी ऐसी स्थिति नहीं है कि वो अपनी दिनचर्या से जुड़ी काम खुद नहीं कर सकतीं। कोर्ट ने कहा कि अगर मां-बाप बीमार पड़ें तो बालिग बच्चों से ये उम्मीद की जाती है कि वो उनकी देखभाल करें।

जावेद अहमद सिद्दीकी को ईडी ने 18 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया था। फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी लाल किला ब्लास्ट के बाद से ही जांच एजेंसियों के रडार पर था। लाल किला ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार तीन डॉक्टरों का संबंध अल फलाह यूनिवर्सिटी से पाया गया, जिसके बाद इस यूनिवर्सिटी के खिलाफ जांच शुरु की गई। ईडी ने जावेद को टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया था।

ईडी ने 16 जनवरी को जावेद अहमद सिद्दीकी और अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया था। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की ओर से दो एफआईआर दर्ज होने के बाद ईडी ने अपनी जांच शुरु की थी। एफआईआर में कहा गया है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी ने झूठी सूचना दी कि उसे नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (एनएएसी) की ओर से मान्यता मिल चुकी है। ईडी ने कहा है कि उसने मनी लांड्रिंग कानून के तहत अल फलाह यूनिवर्सिटी की संपत्तियों को अनौपचारिक तौर पर जब्त कर लिया है।

बता दें कि लालकिला के पास 10 नवंबर 2025 को आई10 कार में ब्लास्ट हुआ था। ये कार आमिर रशीद अली के नाम पर थी। इस ब्लास्ट में 13 लोगों की मौत हुई थी और 32 लोग घायल हो गए थे। यूजीसी ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ शिकायत दर्ज की है, जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने जावेद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया था। यूजीसी की शिकायतों के बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जावेद अहमद सिद्दीकी के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार किया था।

हिन्दुस्थान समाचार/संजय

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रभात मिश्रा