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जयपुर, 03 जून (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने 108 एम्बुलेंस सेवा में 2013 से काम कर रहे प्रार्थी चालक को राहत देते हुए आगामी आदेश तक उसकी सेवाएं खत्म करने पर रोक लगा दी है। वहीं मामले में राज्य सरकार से जवाब देने के लिए कहा है। हाईकोर्ट ने यह निर्देश मानसिंह राजपूत की याचिका पर दिया।
याचिका में कहा कि प्रार्थी 108 एम्बुलेंस सेवा में 2013 से संविदा पर कार्यरत है। वह नियमित कर्मचारियों के समान काम कर रहा है, लेकिन उसे हर महीने केवल 12 हजार रुपए ही वेतन दिया जा रहा है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब राज्य बनाम जगजीत सिंह मामले में कहा है कि संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी भी नियमित वेतनमान के न्यूनतम वेतन के अधिकारी हैं। लेकिन राज्य सरकार आउटसोर्सिंग व सेवा प्रदाताओं की आड़ लेकर दीर्घकालिक दायित्वों और वैधानिक लाभों से बचने का प्रयास कर रही है। ऐसे में प्रार्थी की सेवा खत्म करने वाले आदेश पर रोक लगाते हुए उसे राजस्थान संविदा नियुक्ति नागरिक पद नियम, 2022 के तहत पांच वर्ष से अधिक सेवा पूर्ण करने पर नियमितीकरण का लाभ दिलवाया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारीक