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जोधपुर, 06 मई (हि.स.)। एम्स जोधपुर के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ द्वारा वल्र्ड हैंड हाइजीन डे के अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कालीबेरी सूरसागर में एक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और स्टाफ को हाथों की स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं एवं विद्यालय स्टाफ को विभिन्न संक्रामक बीमारियों के बारे में जानकारी दी गई, जो खराब हाथ स्वच्छता के कारण फैलती हैं। विशेष रूप से दस्त, हैजा, टाइफाइड और श्वसन संक्रमण जैसी बीमारियों पर जोर दिया गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, सही तरीके से हाथ धोने से दस्त संबंधी बीमारियों में लगभग 30 से 40 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है, जबकि श्वसन संक्रमण के मामलों में भी लगभग 20 प्रतिशत तक कमी संभव है। यह बताया गया कि स्कूलों में बच्चों के बीच संक्रमण तेजी से फैलता है, इसलिए नियमित हाथ धोना अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के संचालक डॉ. मनोज कुमार गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्य की दिशा में पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम हाथों को स्वच्छ रखना है। यदि हम नियमित रूप से हाथ स्वच्छता अपनाएं, तो कई गंभीर बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।
अंत में, प्रतिभागियों को हाथ धोने की सही तकनीक के बारे में भी बताया गया, जिसमें साबुन से कम से कम 40 से 60 सेकंड तक हाथों की सभी सतहों, उंगलियों के बीच, नाखूनों के नीचे और कलाई तक अच्छी तरह सफाई करने पर जोर दिया गया, ताकि संक्रमण से प्रभावी रूप से बचाव किया जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश