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कठुआ, 06 मई (हि.स.)। नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत वित्त आयुक्त (एसीएस) अनिल कुमार सिंह ने कठुआ में आयोजित समीक्षा बैठक में अभियान की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए समन्वित, परिणामोन्मुख और निरंतर प्रयासों पर बल देते हुए कहा कि केवल सख्त कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जागरूकता, पुनर्वास और जनभागीदारी भी उतनी ही जरूरी है।
बैठक में उपायुक्त राजेश शर्मा ने जानकारी दी कि जिले में अब तक 1325 नशा विरोधी गतिविधियां आयोजित की जा चुकी हैं जिनमें करीब 6.95 लाख लोगों की भागीदारी रही है। नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए 5 हॉटस्पॉट चिन्हित कर वहां सीसीटीवी निगरानी भी स्थापित की गई है। एसीएस ने विशेष रूप से लखनपुर और हीरानगर जैसे संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा आरटीओ को रात्रि के समय सख्त जांच अभियान चलाने और नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जीएमसी कठुआ में 22 बिस्तरों वाली नशा मुक्ति उपचार सुविधा पूरी तरह कार्यरत है जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों और मनोचिकित्सकों की टीम मरीजों को उपचार व परामर्श दे रही है। एसीएस ने इस क्षेत्र में एनजीओ की भागीदारी बढ़ाने और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया। बैठक में स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम, खेल गतिविधियों, सामूहिक शपथ अभियानों और एनसीसी-एनएसएस स्वयंसेवकों की भागीदारी बढ़ाने पर भी चर्चा की गई। एसीएस ने सभी विभागों और संबंधित एजेंसियों से आपसी तालमेल के साथ कार्य करते हुए नशे के खिलाफ इस अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया