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नई दिल्ली, 03 मार्च (हि.स)। भारत सरकार ने पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों पर करीबी नजर रखने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी समूह (आईएमजी) का गठन किया है। यह समूह श्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहा है, ताकि हमारे पोत परिवहन, लॉजिस्टिक, निर्यात यानी यहां तक कि महत्वपूर्ण आयात में किसी भी तरह की कमजोर रुख का आकलन किया जा सके।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को एक वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि अंतर-मंत्रालयी समूह की पहली बैठक में आज विभिन्न मंत्रालयों ने कुछ सुझाव दिए हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम उन पर काम करेंगे और वाणिज्य मंत्रालय में आपके बहुमूल्य सुझावों का इंतजार करते रहेंगे, ताकि पश्चिम एशिया संकट का प्रभाव कम से कम हो सके। आज मंत्रालय के सभी हितधारक, मुख्य रसद और व्यापार सुविधा भागीदार के साथ एक परामर्श बैठक हुई, जिसमें उभरते जियोपॉलिटिकल हालात और भारत के निर्यात और आयात पर इसके संभावित असर का समीक्षा किया गया।
उन्होंने बताया कि अंतर-मंत्रालयी समूह (आईएमजी) फॉर सप्लाई चेन को लचीलापन' बनाया गया है, जिसमें डिपार्टमेंट ऑफ़ फाइनेंशियल सर्विसेज, मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स, मिनिस्ट्री ऑफ़ शिपिंग, पोर्ट्स एंड वॉटरवेज, मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस और सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ इनडायरेक्ट टैक्सेज़ एंड कस्टम्स के मेंबर शामिल हैं, ताकि असरदार कोऑर्डिनेशन, मॉनिटरिंग और फॉलो-अप को आसान बनाया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर