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नई दिल्ली, 03 मार्च (हि.स)। भारत और कनाडा ने कृषि खाद्य क्षेत्र में आपसी सहयोग को और मजबूत किया है। इसके लिए भारत के राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान-कुंडली (निफ्टेम-के) और कनाडा के यूनिवर्सिटी ऑफ सस्केचेवान यू-सास्क के बीच पांच साल के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
इस अहम समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर निफ्टेम-के के निदेशक हरिंदर सिंह ओबेरॉय और यू-सास्क के उपाध्यक्ष (शोध) बलजीत सिंह ने सस्केचेवान के प्रीमियर स्कॉट मोए और भारत के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए। यह साझेदारी दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों द्वारा दाल प्रोटीन में एक साझा समर्थित उत्कृष्टता केन्द्र की घोषणा के बाद हुई है, जिसे निफ्टेम-के और यू-सास्क नेतृत्व करेंगे।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के मुताबिक सहमति पत्र में साझा शोध परियोजनाओं, ऑनलाइन शिक्षण और प्रशिक्षण कार्यक्रम, शिक्षक और छात्रों के आदान-प्रदान, खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी में एकीकृत डिग्री प्रोग्राम और उद्योग-उन्मुख अल्पावधिक पाठ्यक्रम शामिल हैं। इसमें नवाचार, टिकाऊ खाद्य प्रणाली, खाद्य सुरक्षा और मूल्य श्रृंखला विकास को आगे बढ़ाने के मकसद से मिलकर वित्तपोषण प्रस्ताव, सेमिनार और वर्कशॉप की भी बात है। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि इस सहयोग से शोध से चलने वाले औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलने और कृषि खाद्य क्षेत्र में भारत-कनाडा सहयोग को और मज़बूती मिलने की उम्मीद है। साथ ही खाद्य प्रौद्योगिकी और उद्यमशीलता में निफ्टेम-के का वैश्विक जुड़ाव बढ़ेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर