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नई दिल्ली, 05 जुलाई (हि.स)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि नई प्रौद्योगिकियां आने वाले वर्षों में भारत की विकास गाथाको परिभाषित करेंगी। भारत अब एक ऐसा देश बन रहा है, जो नौकरियां मांगने वाला नहीं, बल्कि देने वाला है।
केंद्रीय मंत्री गोयल ने बेंगलुरु में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) एलुमनाई एसोसिएशन के संगम 2025 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा, आपका विज्ञान, आपकी तकनीक, इस जीवंत स्टार्टअप इकोसिस्टम, आरएंडडी और इनोवेशन के साथ मिलकर भविष्य की भारत की विकास कहानी को आकार देगी।
गोयल ने कहा कि भारत नौकरी चाहने वाले देश से नौकरी देने वाले देश में तब्दील हो रहा है। बेंगलुरु में बड़े नाम से मौजूद स्टार्टअप इकोसिस्टम हमारे मुकुट का एक रत्न है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार प्रौद्योगिकी उद्योग, स्टार्टअप इकोसिस्टम का पूरा समर्थन करती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारे मंत्रालय ने अनुसंधान और विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये प्रदान करने की योजना को मंजूरी दी है।
उन्होंने कहा कि हम 2 लाख करोड़ रुपये की रोजगार सृजन प्रोत्साहन योजना और कौशल विकास, इंटर्नशिप कार्यक्रम के अलावा अन्य कार्यक्रम लेकर आए हैं...ये स्टार्टअप, तकनीक और विनिर्माण के पारिस्थितिकी तंत्र को समर्थन देने के लिए प्रोत्साहन देंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य के लिए तैयार भारत बनाना मोदी सरकार की विभिन्न नीतिगत पहलों के केंद्र में है, जो पिछले एक दशक में देश में नवाचार और विकास को चला रहा है।
गोयल ने अत्याधुनिक अनुसंधान, उद्योग सहयोग, और पोषण प्रतिभा पर अपने गहरे ध्यान के लिए संस्थान की सराहना की, जो वैश्विक प्रौद्योगिकी नेतृत्व में भारत की मजबूत स्थिति में योगदान करने के लिए जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर