केएम में हुआ जबड़े के कैंसर का सफल ऑपरेशन
-करीब दस घंटे चले ऑपरेशन के बाद मरीज की बची जान -चिकित्सकों ने कैंसरयुक्त जबड़े को हटाकर छाती व क
स्वास्थ्य मरीज ऑपरेशन चिकित्सकीय टीम के साथ 


-करीब दस घंटे चले ऑपरेशन के बाद मरीज की बची जान

-चिकित्सकों ने कैंसरयुक्त जबड़े को हटाकर छाती व कंधे के हिस्सों से भरा गाल व मुंह के हिस्सों को

मथुरा, 02 अप्रैल (हि.स.)। केएम की डॉक्टरों की टीम ने गडउमराव हाल निवासी 40 वर्षीय ओमप्रकाश पुत्र शंकरलाल के जबड़े के कैंसर का सफल ऑपरेशन करके उसे नया जीवन दिया है। मंगलवार केएम विश्वविद्यालय के कुलाधिपति किशन चौधरी ने इस सफलतापूवर्क ऑपरेशन को लेकर ईएनटी विभाग की चिकित्सकीय टीम को बधाई दी है।

गौरतलब हो कि हाथरस जिले के गांव शाहजादपुर रहने वाले ओमप्रकाश के गाल में फोड़ा होने के कारण उसका मुंह नहीं खुल रहा था, जिससे वह खाना पीना का सेवन नहीं कर पा रहा था। वह मथुरा जिले के गांव गढ़उमराव रहने वाले जीजा से मिला जहां उन्होंने केएम की प्रचार-प्रसार टीम के असिटेंट मैनेजर हरेन्द्र सिंह और पीआरओ दिनेश कुमार से संपर्क कर ओमप्रकाश की तकलीफ बताई। पीआरओ उन्हें निःशुल्क एम्बुलेंस द्वारा केएम लेकर पहुंचा, जहां जांच के बाद ईएनटी विभाग की डॉ साक्षी जैन, डॉ निशांत गिल व डॉ दीपक सिंघल ने जबड़े में स्क्वॉमस सैल कारसिनोमा कैंसर होने की पुष्टि की। आर्थिक रूप से गरीब होने के कारण विवि के कुलाधिपति ने उसका इलाज फ्री कराने के निर्देश दिए। ईएनटी के डा. साक्षी जैन, डा. निशान्त सिंह गिल, डा. दीपक सिंघल, डा. रवीना तथा पीजी डा. तरल कचौरिया, डा. मनप्रति सिंह, डा. दीक्षा आनंद, डा. अमोध मिश्रा, डा. अभिजीत शर्मा, डा. शैली ने आधुनिक तकनीकी का प्रयोग करते हुए दस घंटे के अंतराल में मरीज का सफल ऑपरेशन किया है, इनके के अलावा ओटी स्टाफ इंचार्ज राहुल ठाकुर, नवीन चन्दन सिंह सहित नर्सिंग स्टाफ का सहयोग रहा।

नाक-कान-गला रोग के डॉ साक्षी जैन ने बताया कि डा. निशांत सिंह गिल एवं सर्जन सहित डॉक्टरों की एक टीम के साथ यह कठिन और दुर्लभ सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि केएम हॉस्पिटल में सस्ती और पर्याप्त स्वास्थ्य देखभाल के कारण ओमप्रकाश रिकवर हो रहा है।

ऑपरेशन करने वाले डॉ निशांत ने बताया मरीज के कैंसरयुक्त जबड़ा को हटा दिया गया था और फिर छाती एवं कंधे के कुछ हिस्से का उपयोग करके गाल व मुंह के हिस्सों को फिर से बनाया गया तथा छाती के हिस्से में जांघ का हिस्सा सर्जरी द्वारा लगाया गया है। उन्होंने बताया कि सर्जरी पूर्व जांच से हमें पता चला कि स्क्वॉमस सैल कारसिनोमा कैंसर फैल चुका था। ऑपरेशन के बाद वह स्वस्थ्य है, उसमें रोजाना रिकवरी की स्थिति बढ़ती जा रही है।

मरीज से मिलने एवं उसका हालचाल जानने पहुंचे विवि के कुलाधिपति साथ विवि के वाइस चांसलर डॉ डीडी गुप्ता, प्रो. वाइस चांसलर, डा. शरद अग्रवाल, एडीशनल मेडीकल सुपरिडेंट डा. आरपी गुप्ता, मेडीकल प्राचार्य डा. पीएन भिसे आदि मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार/महेश/आकाश