रामनवमी पर राममय हुई बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी
वाराणसी, 17 अप्रैल (हि.स.)। वासंतिक नवरात्र की नवमी तिथि पर बुधवार को बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी राम
बाबा विश्वनाथ धाम में सुंदरकांड का पाठ:फोटो बच्चा गुप्ता


बाबा विश्वनाथ धाम में सुंदरकांड का पाठ:फोटो बच्चा गुप्ता


बाबा विश्वनाथ धाम में सुंदरकांड का पाठ:फोटो बच्चा गुप्ता


वाराणसी, 17 अप्रैल (हि.स.)। वासंतिक नवरात्र की नवमी तिथि पर बुधवार को बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी राममय दिखी। काशी के दरबार सहित सभी छोटे-बड़े मंदिरों और घरों में भगवान राम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। दोपहर 12 बजे मंदिरों एवं घरों में घंटा-घड़ियाल, शंख ध्वनि के बीच 'भए प्रगट कृपाला दीनदयाला कौशल्या हितकारी' की गूंज होने लगी। दशरथ नंदन के जयघोष से पूरा वातावरण राममय हो गया। इसके बाद प्रसाद वितरित किया गया। नगर के मठ और मंदिरों में भी संतों, बटुकों ने रस्म का निर्वहन कर प्रभुराम का जन्मोत्सव मनाया।

मानसरोवर स्थित रामतारका आंध्र आश्रम में भगवान राम का जन्मोत्सव मनाया गया। इसी क्रम में दशाश्वमेध स्थित त्रिपुरा भैरवी राम रमापति बैंक का वार्षिकोत्सव मनाया गया। इस दौरान करोड़ों रामनाम लिखे पन्नों का पूजन किया गया। रामनवमी पर ही श्री काशी विश्वनाथ धाम में सज्जित श्रीराम दरबार विग्रह के समक्ष सुंदरकांड का पाठ किया गया। इसके बाद दोपहर 12 बजे से धाम में श्रीराम के सूर्य तिलक का अयोध्या धाम से सजीव प्रसारण एलईडी स्क्रीन पर देखा गया। शाम को भजन संध्या भी होगी।

प्रतिवर्ष की भांति रामनवमी पर मुस्लिम महिला फाउंडेशन एवं विशाल भारत संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में श्रीराम महाआरती का आयोजन किया गया। लमही स्थित सुभाष भवन में मुस्लिम महिलाओं ने पूजा की थाली से प्रभु राम की आरती उतारी और हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश दिया। मुस्लिम महिलाओं ने आरती उतारने के साथ मंगलगीत भी गाए। उर्दू में श्रीराम लिखा और उस पर दीप जलाए। महाआरती के साथ मुस्लिम महिलाओं ने उन कट्टरपंथियों को भी संदेश दिया, जो धर्म की आड़ में नफरत के बीज बो रहे हैं। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार, फाउंडेशन की नेशनल सदर नाज़नीन अंसारी, डॉ. राजीव, डॉ. नजमा परवीन, डाॅ. अर्चना भारतवंशी आदि शामिल रहे।

हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर/पवन