सागर : चार एकड़ में तैयार हुआ सोलर पैनल पार्क, प्रतिवर्ष बनेगी तीन करोड़ से अधिक की बिजली
- आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम, निर्बाध रूप से की जा सकेगी राजघाट से जलापूर्ति - प्रधानमंत्री नरेन्द
सागर: चार एकड़ में तैयार हुआ सोलर पैनल पार्क, प्रतिवर्ष बनेगी तीन करोड़ से अधिक की बिजली


- आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम, निर्बाध रूप से की जा सकेगी राजघाट से जलापूर्ति

- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोलर ऊर्जा योजना का किया जा रहा है क्रियान्वयन

सागर, 4 मार्च (हि.स.)। सागर शहर की जीवन दायिनी कही जाने वाली राजघाट बांध परियोजना पर निर्बाध रूप से पेयजल सप्लाई किए जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोलर ऊर्जा योजना के माध्यम से एक मेगावाट का प्लांट तैयार किया गया है। इससे प्रतिवर्ष तीन करोड़ रुपये की अधिक की बिजली का उत्पादन होगा। नगर निगम को प्रति माह 20 लाख रुपये से अधिक के बिजली बिल की बचत होगी।

कलेक्टर दीपक आर्य ने सोमवार को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सोलर ऊर्जा को प्रोत्साहन देने एवं प्रदूषण को कम करने के लिए सोलर पैनल ऊर्जा योजना एवं सूर्य घर योजना तैयार की गई है। इसी के तहत सागर की लाइफ लाइन राजघाट बांध परियोजना में 500 -500 किलो वाट के सोलर पैनल लगाए गए हैं, जिससे प्रतिदिन 4000 से 5000 यूनिट बिजली का उत्पादन होगा।

उन्होंने बताया कि इस सोलर प्लांट लगाने के लिए स्मार्ट सिटी सागर के माध्यम से राशि स्वीकृत की गई थी। राशि स्वीकृत होने के बाद कार्य प्रारंभ हुआ और राजघाट बांध पर उपलब्ध चार एकड़ भूमि पर यह प्लांट तैयार किया गया है।

कलेक्टर आर्य ने बताया कि नगर निगम कमिश्नर चंद्रशेखर शुक्ला के द्वारा नगर निगम इंजीनियर रामाधार तिवारी, स्मार्ट सिटी के इंजीनियर अभिषेक सिंह राजपूत, नव करणीय ऊर्जा विभाग के अधिकारी हेमंत गोयल के द्वारा लगातार मॉनिटरिंग करते हुए यह कार्य समय सीमा में पूर्ण हुआ है और इसका शुभारंभ भी किया गया है। इंजीनियर रामाधार तिवारी ने बताया कि यह सोलर प्लांट लगने से नगर निगम को प्रतिमाह 20 लाख रुपये की बिजली बिल की बचत होगी। उन्होंने बताया कि 20 लाख रुपये की बचत के साथ-साथ राजघाट से की जाने वाली पेयजल सप्लाई भी निरंतर रूप से जारी रहेगी।

स्मार्ट सिटी के इंजीनियर अभिषेक सिंह राजपूत ने बताया कि स्मार्ट सिटी द्वारा राशि स्वीकृत होने के बाद कार्य पूरा कराया गया। इस कार्य को गुजरात की माधव टेक्नोलॉजी कंपनी के द्वारा किया गया है। इस सोलर प्लांट में कंपनी के द्वारा सोलर प्लेट की 25 वर्ष एवं इनवर्टर की 10 वर्ष की गारंटी रहेगी।

नवकरणीय ऊर्जा विभाग के हेमंत गोयल ने बताया कि चार एकड़ की सोलर प्लांट स्थल पर दो तड़क चालक लगाए गए हैं, जो कि 108 -108 मीटर की दूरी को कवर करेंगे और किसी भी प्रकार की आसमानी बिजली से सुरक्षित करेंगे। माधव टेक्नोलॉजी गुजरात के अमित पटेल ने बताया कि इस प्लांट में 1500 -1500 की 3000 प्लेट लगाई गई हैं। एक प्लेट की लंबाई चौड़ाई दो मीटर बाय एक मीटर है। उन्होंने बताया कि एक प्लेट 335 बाट की बिजली का उत्पादन करेगी।

उन्होंने बताया कि ब्लूटूथ के माध्यम से मोबाइल पर रीडिंग देखी जा सकेगी। प्रत्येक इनवर्टर एवं ट्रांसफार्मर में दो-दो सिमें लगाई गई हैं। उन्होंने बताया कि इस सोलर प्लांट को पांच वर्ष तक रख रखाव कंपनी द्वारा किया जाएगा। सोलर प्लांट पर फायर सेफ्टी की भी समस्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई गई हैं और फाइल सेफ्टी के संबंध यंत्र भी लगाए गए हैं।

कलेक्टर दीपक आर्य ने बताया कि सागर परियोजना का नाम सागर स्मार्ट सिटी सोलर प्रोजेक्ट (1) मेगावाट कार्य परियोजना की लागत - 6.28 करोड़ से कराया गया जिसमें क्रियान्वयन एजेंसी नवकरणीय ऊर्जा विभाग के माध्यम से प्रस्तावित की गई।

नगर निगम कमिश्नर चंद्रशेखर शुक्ला ने बताया कि स्मार्ट सिटी सोलर प्लांट भाग एक परियोजना अंतर्गत राजघाट डेम के पास लगभग 4 एकड़ भू-भाग पर 500-500 किलोवॉट के दो भागों में कुल एक मेगावॉट क्षमता का सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इसके तहत पाइल बनाने का कार्य, स्ट्रक्चर इंस्टॉलेशन कार्य, मॉडयूल इंस्टॉलेशन कार्य, एसी व डीसी केबल बिछाने का कार्य, सोलर पेनल इंस्टॉलेशन आदि कार्य प्रगतिरत हैं।

शुक्ला ने बताया कि इस परियोजना के लाभ इस प्रकार से होगें, जिसमें सौर ऊर्जा जैसी प्रदूषण रहित नवकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। राजघाट डेम पर पेयजल सप्लाई हेतु प्रयोग होने वाली हेवी मशीनों हेतु पर्याप्त विद्युत मिल सकेगी और नियमित पेयजल सप्लाई सुनिश्चित होगी। यहां प्रतिवर्ष लगभग तीन करोड़ रुपये की बिजली बनाकर राजघाट डेम पर मशीनों के संचालन में प्रयुक्त की जा सकेगी, जिससे नगर निगम पर पड़ने वाले विद्युत देयकों के भार को कम करने में सहयोग मिलेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश/प्रभात