एक महानगर पालिका और 15 नगर पालिकाओं के विकास कार्यों के लिए 453.72 करोड़ रुपये स्वीकृत
- स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना में विभिन्न जनसुविधा की वृद्धि - स्वर्णिम जयंती मुख्य
भूपेन्द्र पटेल


- स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना में विभिन्न जनसुविधा की वृद्धि

- स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना वर्ष 2026-27 तक जारी रहेगी

गांधीनगर, 4 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के नगरों-महानगरों में रहने वाले नागरिकों के ईज ऑफ लिविंग में वृद्धि करने के उद्देश्य से शहरी जन सुख-सुविधा के विभिन्न विकास कार्यों के लिए 453.72 करोड़ रुपये के अनुदान को स्वीकृति दी है। पटेल ने स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना अंतर्गत यह राशि राज्य की राजधानी गांधीनगर महानगर पालिका तथा बोरसद, कडी, चोटीला, सावरकुंडला, विरमगाम, वेरावळ-पाटण संयुक्त, वडनगर, राजूला, प्रांतीज, सोजित्रा, देवगढ बारिया, हालोल, उमरेठ एवं बारेजा नगर पालिकाओं को आवंटित की है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में वर्ष 2010 में गुजरात की स्थापना के स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर नगरों के सर्वग्राही विकास के ध्येय के साथ यह योजना शुरू की थी। इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2009 से 2014 तक के पांच वर्ष के प्रथम चरण में 7 हजार करोड़ रुपये तथा 2012 से 2017 तक के दूसरे चरण में 15 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। इसके बाद वर्ष 2017 से 202-23 तक उत्तरोत्तर अनुदान राशि इस योजना में आवंटित की गई। शहरी जनजीवन की सुख-सुविधा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली यह स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना और तीन वर्ष यानी 2026-27 तक जारी रखी गई।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस योजना के लिए इस वर्ष के बजट में 8,634 करोड़ रुपये के प्रावधान किए हैं। योजनांतर्गत मुख्य रूप से भौतिक अंतरढांचागत सुविधाओं, सामाजिक अंतरढांचागत सुविधाओं, अर्बन मोबिलिटी, विशिष्ट पहचान के कार्यों, निजी सोसाइटी जन भागीदारी योजना, आउटग्रोथ क्षेत्र के कार्य जैसे घटक निर्धारित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने गांधीनगर महानगर पालिका में नए समाविष्ट क्षेत्रों के जलापूर्ति एवं भूमिगत गटर व्यवस्था के कार्यों के लिए 308.75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।

इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री ने भौतिक अंतरढाचागत सुविधाओं के कार्यों के अंतर्गत 9 नगर पालिकाओं में भूमिगत गटर योजना के कार्यों के लिए 118.53 करोड़ रुपये को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों के लिए विशेष अनुदान के अंतर्गत वेरावळ-पाटण संयुक्त नगर पालिका को सोमनाथ मंदिर व आसपास के क्षेत्रों में डामर रोड, पेवर ब्लॉक फिटिंग, बड़े पेड़ के गमले रखने, सांस्कृतिक चित्रकला और सौंदर्य कला के कार्यों के लिए 8.74 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। योजना के तहत आउटग्रोथ क्षेत्र के कार्यों यानी नगर पालिकाओं के निकट बाहर के विकसित हो रहे क्षेत्रों में जन सुविधा कार्यों के लिए भी धन आवंटन का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस उद्देश्य से कडी, चोटीला, सावरकुंडला एवं विरमगाम नगर पालिकाओं को आरसीसी रोड, एलईडी स्ट्रीट लाइट, सीसी रोड, पेवर ब्लॉक, नाले, टंकी तथा संप आदि भौतिक अंतरढांचागत सुविधा के कार्यों के लिए 17.20 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने निजी सोसाइटी जन भागीदारी योजना में बोरसद एवं कडी नगर पालिकाओं को सोसाइटियों में पेवर ब्लॉक तथा आरसीसी, पानी की पाइप लाइन के कार्यों के लिए 49.93 लाख रुपये मंजूर किए हैं। इसके साथ ही निजी सोसाइटी जन भागीदारी योजना अंतर्गत समग्र राज्य में अब तक 43,199 कार्य मंजूर हुए हैं जिनमें से 39,625 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 1,448 कार्य प्रगति पर हैं। इस उद्देश्य के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के दिशादर्शन में राज्य सरकार ने अब तक महानगर पालिकाओं को 2024.39 करोड़ रुपये तथा नगर पालिकाओं को 305.30 करोड़ रुपये की राशि का अनुदान के रूप में भुगतान किया है। अब मुख्यमंत्री ने उनके समक्ष शहरी विकास विभाग द्वारा किए गए 453.72 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों के प्रस्तावों को अनुमति दी है जिससे सम्बद्ध नगरों में नागरिकों की सुख-सुविधा के कार्यों को गति मिलेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / बिनोद/प्रभात