जीवन में जितना बड़ा मिशन, उतनी बड़ी बाधा : चंपत राय
- विहिप का धर्म रक्षा निधि समर्पण कार्यक्रम आयोजित झांसी, 04 मार्च (हि.स.)। जितना बड़ा मिशन, उतनी ब
धर्म रक्षा निधि समर्पण कार्यक्रम को संबोधित करते चंपत राय


धर्म रक्षा निधि समर्पण कार्यक्रम को संबोधित करते चंपत राय


धर्म रक्षा निधि समर्पण कार्यक्रम को संबोधित करते चंपत राय


- विहिप का धर्म रक्षा निधि समर्पण कार्यक्रम आयोजित

झांसी, 04 मार्च (हि.स.)। जितना बड़ा मिशन, उतनी बड़ी बाधा। यही जीवन की यात्रा का कड़वा सच है। अब यह मनुष्य को तय करना होता है कि आपको अपने मिशन को ध्यान में रखकर आगे बढ़ते हुए बाधाओं को पार करना है या फिर बाधाओं से भागना है। उक्त उद्गार विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष एवं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने रानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में धर्म रक्षा निधि समर्पण अभियान में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि 60 वर्ष पूर्व एक कमरे में दो दिन तक हिंदुओं के लिए चला चिंतन आज विश्व हिंदू परिषद के रूप में विशाल वट वृक्ष के रूप में खड़ा है।

उन्होंने अपने उद्बोधन में आगे कहा कि भारत माता की संतति सेवा में रत विश्व हिन्दू परिषद अपने साठवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है और इस के लिए समाज के प्रत्येक क्षेत्र में अपने द्वारा सेवा कार्यों का विस्तार किया जा रहा है। मातृवत् पर दारेषु एवं सर्वे हिन्दू सहोदरा का भाव लेकर हम सभी प्राण प्रण से जुटे यही अनुरोध है।

हम सभी का सौभाग्य है कि पांच सौ वर्षों के संघर्ष के उपरान्त प्रभु श्री राम के बाल विग्रह की अयोध्या धाम में प्राण प्रतिष्ठा के हम सभी साक्षी बने। हम सभी का मान आह्लादित है, विश्व हिन्दू परिषद के विगत वर्षों के सतत प्रयास से विश्व में सनातन धर्म की श्रेष्ठता ही सिद्ध हुई है। सर्वभवन्तु सुखिनः का मन्त्र जो हम लेकर चले पूज्य सन्तों की कृपा से उसे समाज जीवन में चरितार्थ कर रहे हैं। आज विश्व हिंदू परिषद की छोटी बड़ी 60 हजार टोलियां काम कर रही हैं और धर्म रक्षा निधि समर्पण अभियान के लिए हमारा एक दिन तय रहता है। आज हिंदू समाज को जाति व्यवस्था से ऊपर उठकर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद 1964 में स्थापित किया गया था। दो दिन में हिंदुओं के संगठन के लिए एक कमरे का चिंतन कितने बड़े आंदोलन के रूप में उभर कर सामने आया जिसने बाद में 500 वर्षों की लड़ाई पर भी पार पाते हुए भगवान श्रीराम का मंदिर निर्माण कराया। उन्होंने राष्ट्र से जोड़ना, विश्व में हिंदू और हिंदू में विश्व, विविधता में एकता आदि बिंदुओं पर मुख्य वक्ता के रूप में अपना उद्बोधन दिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि हरीमोहन बंसल व वैद्यनाथ ग्रुप के अतुल शर्मा रहे। अध्यक्षता रमेश सरावगी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में कोऑपरेटिव बैंक के डायरेक्टर आशीष उपाध्याय, संजय अरोरा व पुरुषोत्तम अग्रवाल रहे। मंच पर संघ के महानगर संघ चालक सतीश शरण अग्रवाल, प्रान्त उपाध्यक्ष पालीवाल, विहिप के पूर्वी उप्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री गजेंद्र, प्रान्त उपाध्यक्ष विनोद अग्रवाल व विभाग अध्यक्ष श्यामसुंदर विराजमान रहे। कार्यक्रम का संचालन व आभार ललित जैन ने किया।

इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर,पॉवर ग्रिड के स्वतंत्र निदेशक व भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री रामनरेश तिवारी, डॉ. शरद द्विवेदी, पंकज गुप्ता,मयंक गुप्ता समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / महेश/प्रभात