हाई कोर्ट ने जेजे बोर्ड और सीडब्ल्यूसी में 184 पद रिक्त मामले में सरकार से मांगा जवाब
रांची, 04 मार्च (हि.स.)। झारखंड हाई कोर्ट में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजे बोर्ड), चाइल्ड वेलफेयर कमे
कोर्ट का फाइल फोटो


रांची, 04 मार्च (हि.स.)। झारखंड हाई कोर्ट में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजे बोर्ड), चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) और राज्य बाल संरक्षण आयोग में रिक्त पदों को लेकर दायर बचपन बचाओ आंदोलन की जनहित याचिका पर सुनवाई सोमवार को हुई।

मामले में याचिकाकर्ता की ओर से शपथ पत्र दायर कर बताया गया कि जेजे बोर्ड, सीडब्ल्यूसी में अभी तक 152 पद ही भरे जा सकते हैं। 184 पद अभी भी रिक्त है। सुप्रीम कोर्ट के संपूर्ण बेहुरा केस में राज्य सरकारों को कुछ गाइडलाइन दिया गया है जिसका इन्हें पालन करना है। संपूर्ण बेहुरा केस में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए दिशा निर्देश के तहत जेजे बोर्ड की मॉनिटरिंग राज्य सरकार एवं हाई कोर्ट को करनी है।

वही, सीडब्ल्यूसी और जेजे बोर्ड का सोशल ऑडिट भी किया जाना है। न्यायाधीश रंगन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले में याचिकाकर्ता द्वारा दिए गए शपथ पत्र की आलोक में राज्य सरकार को प्रति उत्तर देने का निर्देश देते हुए मामले के अगली सुनवाई 21 मार्च निर्धारित की है। बचपन बचाओ आंदोलन की ओर से जगजीत सिंह छाबड़ा वर्चुअल कोर्ट में उपस्थित हुए। अधिवक्ता अमित कुमार तिवारी, निधि रानी एवं दीपमाला ने फिजिकली रूप से कोर्ट के समक्ष पक्ष रखा।

हिन्दुस्थान समाचार / वंदना/प्रभात