दक्षिण रेलवे ने कहा- पर्यटकों को नीलगिरी में न दी जाए प्लास्टिक सामान की अनुमति
-नीलगिरी एक प्लास्टिक मुक्त जिला, प्लास्टिक प्रयोग बंदरों व हाथियों के लिए जानलेवा चेन्नई (तमिलनाडु
दक्षिण रेलवे ने कहा- पर्यटकों को नीलगिरी में न दी जाए प्लास्टिक सामान की अनुमति


-नीलगिरी एक प्लास्टिक मुक्त जिला, प्लास्टिक प्रयोग बंदरों व हाथियों के लिए जानलेवा

चेन्नई (तमिलनाडु), 31 मार्च (हि.स.)। तमिलनाडु के नीलगिरी जिले में हेरिटेज स्टीम चैरियट ट्रस्ट ने रेलवे अधिकारियों को पत्र लिखकर नीलगिरि माउंटेन रेलवे के यात्रियों, विशेषकर पर्यटकों को मेट्टुपालयम रेलवे स्टेशन पर अपनी यात्रा शुरू करते समय प्लास्टिक की बोतलें ले जाने से रोकने हेतु कदम उठाने का अनुरोध किया है।

हेरिटेज स्टीम चैरियट ट्रस्ट के संस्थापक प्रबंध ट्रस्टी के नटराजन ने कहा कि पर्यटकों को रेलवे अधिकारी बताने में विफल रहे कि नीलगिरी एक प्लास्टिक मुक्त जिला है। उन्होंने यह भी कहा, “पर्वतीय ट्रेन प्रतिदिन सुबह 7 बजे मेट्टुपालयम से ऊटी के लिए रवाना होती है। रेलवे अधिकारी जानते हैं कि नीलगिरी प्लास्टिक मुक्त जिला है। लेकिन वे यात्रियों को तदनुसार निर्देश देने का प्रयास नहीं करते हैं। इसलिए, पर्यटक प्लास्टिक की पानी की बोतलें और कैरी बैग ऊटी ले जा रहे हैं और उपयोग के बाद उन्हें वहीं फेंक देते हैं।''

नटराजन ने कहा कि हेरिटेज स्टीम चैरियट ट्रस्ट ने यात्रियों के बीच जागरुकता पैदा करने के लिए मेट्टुपालयम रेलवे स्टेशन पर नीलगिरी में प्लास्टिक पर प्रतिबंध के संबंध में एक साइन बोर्ड रखा था, लेकिन उसका कोई फायदा नहीं है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यात्री रेलवे ट्रैक के किनारे प्लास्टिक कचरा फेंक रहे थे, जो कुछ बिंदुओं पर हाथी क्रॉसिंग जोन से गुजरता है। उन्होंने कहा कि हाथियों द्वारा इसे खाने की संभावना बहुत अधिक थी। साथ ही बंदर प्लास्टिक कचरा भी खाते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार/डॉ आर.बी. चौधरी/आकाश