तमिलनाडु: चार वर्षों में तेंदुओं की संख्या में 23 फीसदी की वृद्धि
चेन्नई, 2 मार्च (हि.स.)। तमिलनाडु के उधगमंडलम में पिछली गणना के मुकाबले तेंदुआ की आबादी में 23 प्रति
तमिलनाडु: चार वर्षों में तेंदुओं की संख्या में 23 फीसदी की वृद्धि


चेन्नई, 2 मार्च (हि.स.)। तमिलनाडु के उधगमंडलम में पिछली गणना के मुकाबले तेंदुआ की आबादी में 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जबकि 2018 की तुलना में तेंदुआ की संख्या 868 से बढ़ कर 1,070 हो गई है। इस अवधि में अखिल भारतीय स्तर पर 8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 12,852 से 13,874 की वृद्धि दर्ज की गई है। बिल्ली परिवार से संबंधित और असुरक्षित माने जाने वाले तेंदुए पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

गणना की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिमी घाट में तेंदुओं की आबादी व्यापक रूप से वितरित है। पश्चिमी घाट में तेंदुओं की 65% से अधिक आबादी संरक्षित क्षेत्रों के बाहर मौजूद थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रति 100 किमी पर 13 तेंदुए हैं, नीलगिरि के जंगलों में तेंदुए की आबादी अधिक है। नीलगिरी में मुदुमलाई टाइगर रिजर्व (एमटीआर) में राज्य के पांच बाघ अभयारण्यों में से सबसे अधिक 135 तेंदुओं की संख्या दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार, अन्य 220 तेंदुए टाइगर रिजर्व में हैं।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक और टीएन मुख्य वन्यजीव वार्डन श्रीनिवास आर रेड्डी ने बताया कि तेंदुए की गणना 2022 बाघ गणना का हिस्सा थी। बाघ की गणना के लिए अपनाई गई पद्धति का उपयोग करके इसे अलग से आयोजित किया गया था। न केवल पांच बाघ अभ्यारण्यों बल्कि राज्य के आरक्षित वनों में भी यह अभ्यास किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार/ डॉ आर. बी. चौधरी/संजीव