आईसीएमआर का बजट पिछले 10 वर्षों में चार गुना तक बढ़ाया गया: मनसुख मांडविया
नई दिल्ली, 02 मार्च (हि.स.)। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने चिकित्सा अनुसंधान के भविष्
मनसुख मांडविया


नई दिल्ली, 02 मार्च (हि.स.)। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने चिकित्सा अनुसंधान के भविष्य के लिए रणनीतिक रोडमैप की रूपरेखा तैयार करने के लिए शनिवार को गवर्निंग काउंसिल की बैठक बुलाई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ मनसुख मांडविया ने की। इस मौके पर डॉ मांडविया ने कहा कि भारत सरकार की प्रतिबद्धता और आईसीएमआर के अथक प्रयास देश को चिकित्सा अनुसंधान और विकास में अग्रणी के रूप में वैश्विक मंच पर स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि आईसीएमआर का बजट पिछले 10 सालों में चार गुना तक बढ़ गया है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में लॉन्च किए गए राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान कार्यक्रम के माध्यम से, 12 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में समाधान उन्मुख मिशन मोड अनुसंधान करने की एक अनूठी पहल, आईसीएमआर ने देशभर में 100 से अधिक जिलों तक अपना कवरेज बढ़ा दिया है। डॉ मनसुख मांडविया ने कहा कि आईसीएमआर ने नीति आयोग, सीडीएससीओ, सीएसआईआर, आईआईटी, डीबीटी, एनआईपीईआर, आईसीएआर, डीडब्ल्यूसीडी और अन्य प्रमुख संस्थानों के साथ अंतरविभागीय सहयोग शुरू किया। इसके परिणामस्वरूप संयुक्त पहल हुई है, जिसमें राष्ट्रीय एक स्वास्थ्य मिशन, आयुष-आईसीएमआर परीक्षण, एसीएसआईआर-आईसीएमआर चिकित्सा अनुसंधान संकाय, पालना योजना और विभिन्न कैंसर के लिए आईसीएमआर-राष्ट्रीय कैंसर ग्रिड क्लिनिकल परीक्षण शामिल है।

उन्होंने कहा कि हमारे देश के इनोवेशन इकोसिस्टम को पोषित करने की हमारी प्रतिबद्धता के हिस्से के रूप में, आईसीएमआर ने उत्पाद विकास के लिए 7 आईआईटी में उत्कृष्टता केंद्र और बेंचटॉप परीक्षण के लिए समर्पित 5 आईसीएमआर-उन्नत अनुसंधान केंद्र (सीएआर) की स्थापना की। इस पहल का उद्देश्य एआई-आधारित स्वास्थ्य समाधानों को बढ़ावा देते हुए मेक इन इंडिया मेडटेक क्षेत्र को बढ़ावा देना है। इसके अतिरिक्त, नीति आयोग के मार्गदर्शन में और केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के साथ साझेदारी में आईसीएमआर के नेतृत्व में मेडटेक मित्र पहल, इनोवेटर्स को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है, जो रणनीतिक माध्यम से किफायती और सुलभ स्वदेशी चिकित्सा उपकरणों के विकास की सुविधा प्रदान करेगी। हैंडहोल्डिंग, क्लिनिकल मूल्यांकन, विनियामक सुविधा और उत्पाद ग्रहण मार्गदर्शन, जिसमें और सुधार किए जा रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार/विजयलक्ष्मी/आकाश