असम के भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान का सोमवार को उद्घाटन करेंगे केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा
गुवाहाटी, 02 मार्च (हि.स.)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री अर्जुन मुंडा सोमवार (4 मार्च) को भ
ICAR-IARI, Assam


गुवाहाटी, 02 मार्च (हि.स.)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री अर्जुन मुंडा सोमवार (4 मार्च) को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), असम के उद्घाटन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करेंगे। यह संस्थान दक्षिण-पूर्व एशिया में उच्च कृषि शिक्षा का केंद्र बनने की महत्त्वाकांक्षा रखता है।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के बयान के अनुसार यह निम्नलिखित अधिदेशों और उद्देश्यों के साथ एक व्यवस्थित अनुसंधान, शिक्षण विस्तार के माध्यम से उत्तर-पूर्वी क्षेत्र -कृषि अनुसंधान और विकास में प्रगति की दिशा में एक मील का पत्थर पहल होगी।

अधिदेशों में संस्थान मुख्य रूप से दक्षिण पूर्व एशिया में उच्च कृषि शिक्षा में शिक्षण संस्थान के रूप में कार्य करना, उत्तर-पूर्व भारत के उच्च मूल्य वाले जैविक संसाधनों का संरक्षण और उपयोग करना और विशेष गुणों वाली फसल और पौधों के जीन प्रारूप में सुधार करना, अम्लीय मिट्टी का प्रबंधन करना और उत्तर-पूर्व भारत की अम्लीय मिट्टी में उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकियों को विकसित करना, जैविक कृषि को प्रोत्साहन देने हेतु प्रमुख फसल प्रणाली के लिए जैविक खेती मॉड्यूल को विकसित करना, स्वदेशी मछली और पशु संसाधनों के लिए उत्पादन तकनीक को विकसित करना, कृषि को अधिक लाभदायक और संरक्षित बनाने के लिए ग्रामीण उद्यमिता और व्यावसायीकरण को प्रोत्साहन देना शामिल है।

इसका उद्देश्य शिक्षा, अनुसंधान और आउटरीच को प्रोत्साहन देना है। आईसीएआर-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान राज्य के धेमाजी जिलांतर्गत गोगामुख के दिरपई चापोरी में सुबनसिरी नदी के किनारे बनाया गया है। यह संस्थान 587 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां विभिन्न अनुसंधान, विस्तार और शिक्षण गतिविधियों के संचालन के लिए पर्याप्त स्थान है।

आईएआरआई, असम की शैक्षणिक यात्रा का शुभारंभ 26 मई, 2017 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किए गए शिलान्यास समारोह से हुआ है। इस कार्य ने भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने के लिए कृषि अनुसंधान में व्यवस्थित शिक्षण की शुरुआत की। संस्थान का लक्ष्य कुशल कृषि प्रौद्योगिकियों को विकसित करने के लिए व्यवस्थित अनुसंधान करना है जो क्षेत्र में 'दूसरी हरित क्रांति' लाने में योगदान दे सके। संस्थान का मुख्य उद्देश्य उत्तर-पूर्वी राज्यों में व्यापक कृषि विकास के लिए शिक्षा, अनुसंधान और सुलभता है। इन प्रयासों से क्षेत्र में कृषि क्षेत्र की उत्पादकता, स्थिरता और पूर्ण विकास में वृद्धि की संभावना है। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), असम दक्षिण-पूर्व एशिया में उच्च कृषि शिक्षा का केंद्र बनने की महत्त्वाकांक्षा रखता है।

हिन्दुस्थान समाचार/ अरविंद/वीरेन्द्र