मुख्यमंत्री ने पूर्व उल्फा कैडरों को पुनर्वास अनुदान राशि प्रदान की
गुवाहाटी, 02 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा शनिवार सुबह गुवाहाटी के पांजाबारी स्थित
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गुवाहाटी, 02 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा शनिवार सुबह गुवाहाटी के पांजाबारी स्थित श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में उल्फा के पूर्व कैडरों को पुनर्वास अनुदान के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होते हुए कुछ कैडरों को अनुदान के चेक सौंपे। इस मौके पर उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए राज्य में शांति स्थापित होने तथा असम का तेजी से विकास होने की सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।

उल्फा ने 29 दिसंबर, 2023 को भारत सरकार और असम सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया था। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के बाद, संगठन ने स्वयं को भंग कर दिया और अपने निर्दिष्ट शिविर खाली कर दिए। वित्तीय अनुदान वितरण के आज के समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने 4 लाख रुपये के सावधि जमा प्रमाण पत्र वितरित किए। सरकार की आत्मसमर्पण सह पुनर्वास योजना के तहत 852 पूर्व उल्फा कैडरों में से प्रत्येक को भारत सरकार की योजना के तहत 4 लाख रुपये प्रदान किये गये हैं। वहीं असम सरकार के विशेष पैकेज के रूप में 3 लाख रुपये कुल 45 प्रभावितों को दिये गये जो अभियान के दौरान घायल हुए थे। 31 लापता उल्फा कैडरों के परिजनों को 10 लाख रुपये के चेक प्रदान किये गये। कुल 936 कैडर एवं परिवार के सदस्यों को पुनर्वास हेतु पुनर्वास अनुदान प्रदान किया गया।

पिछले दो वर्षों के दौरान भारत सरकार और असम सरकार की योजना के तहत विभिन्न उग्रवादियों के कुल 9 हजार 583 कैडरों का पुनर्वास किया गया है। इनमें से एनडीएफबी के 4203 कैडर (27 जनवरी, 2020 को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया था), कार्बी समूह के 1926 (04 सितंबर, 2021 को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया था), आदिवासी संगठन के 1182 कैडर (15 सितंबर, 2020 को समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर हुआ था), डीएनएलए के 181, (27 अप्रैल, 2023 को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुआ था), उल्फा के 936 कैडर (29 दिसंबर 2023 को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुआ था) और अन्य समूहों के 1155 कैडर (जिसमें यूजीपीओ, टीएलए, यूपीआरएफ, केएलएफ, माओवादी, एनएलएफबी आदि संगठन) शामिल हैं।

इस कार्यक्रम का आयोजन सरकार के गृह विभाग एवं असम पुलिस की विशेष शाखा द्वारा किया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत अतिरिक्त मुख्य सचिव अविनाश पी जोशी के स्वागत भाषण से हुई। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मंत्री जोगेन मोहन और प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार/ अरविंद/वीरेन्द्र