भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण मैंगलोर में अपतटीय शोध : तालमेल और अवसर पर कार्यशाला का आयोजन करेगा
नई दिल्ली, 12 फ़रवरी (हि.स.)। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) का समुद्री और तटीय सर्वेक्षण प्र
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण मैंगलोर में अपतटीय शोध : तालमेल और अवसर पर कार्यशाला का आयोजन करेगा


नई दिल्ली, 12 फ़रवरी (हि.स.)। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) का समुद्री और तटीय सर्वेक्षण प्रभाग (एमसीएसडी) 15 फरवरी (बुधवार) को मैंगलोर में ऑफशोर एक्सप्लोरेशन: सिनर्जी एंड अपॉर्चुनिटीज (ओईएसओ) नामक एक कार्यशाला आयोजन करेगा। यह कार्यशाला अपतटीय अन्वेषण को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सहयोगात्मक प्रयास है।

एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि कार्यशाला में मुख्य अतिथि के तौर पर खान मंत्रालय के सचिव वीएल कांथा राव उपस्थित रहेंगे। इस कार्यक्रम में जीएसआई के महानिदेशक जनार्दन प्रसाद, विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ पदाधिकारी, राज्य खनन और भूविज्ञान निदेशालय, पीएसयू, निजी खनन उद्योग के प्रतिनिधि, खनन संघ और अन्य हितधारक भी शामिल होंगे।

कार्यशाला के अंतर्गत अपतटीय क्षेत्र खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 2002 में संशोधन, हाल ही में जीएसआई द्वारा 35 अपतटीय ब्लॉकों की नीलामी के लिए खान मंत्रालय को सौंपना और निजी शोध एजेंसियों की अधिसूचना के लिए मसौदा दिशानिर्देश तैयार करने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। अपतटीय अन्वेषण गतिविधियों में निजी क्षेत्र की भागीदारी को सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना है।

इसके अलावा कार्यशाला के एजेंडे में अपतटीय में जीएसआई गतिविधियों का अवलोकन, अन्वेषण और दोहन को बढ़ावा देने में सरकारी पहल, डेटा साझा करने के लिए सहयोगी तंत्र और अपतटीय खनिज अन्वेषण के लिए स्थायी कार्य प्रणाली शामिल हैं। कार्यशाला में डेटा अधिग्रहण से लेकर पर्यावरणीय विचारों तक के विषयों पर प्रमुख विशेषज्ञों अपने विचार साझा करेंगे। इससे प्रतिभागियों को अपतटीय शोध क्षेत्र के भीतर चुनौतियों और अवसरों के संदर्भ में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी।

हिन्दुस्थान समाचार/ बिरंचि सिंह/दधिबल