पूसीरे ने की निर्धारित समय पूर्व ट्रैक संरक्षा लक्ष्य की प्राप्ति
गुवाहाटी, 12 फरवरी (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमा रेल (पूसीरे) ने अत्याधुनिक तकनीक की सहायता से ट्रैक अनुर
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गुवाहाटी, 12 फरवरी (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमा रेल (पूसीरे) ने अत्याधुनिक तकनीक की सहायता से ट्रैक अनुरक्षण कार्यों की दिशा में निरंतर प्रगति दर्ज की है। रेल पटरियों की संरक्षा बढ़ाने और रेल यात्रियों को और अधिक सुरक्षित तथा आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान करने के लिए पूसीरे द्वारा अपनी इस भूमिका का निर्वाह किया गया है। हाल ही में, वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान, पूसीरे ने ट्रैक संरक्षा से संबंधित तीन माइलस्टोन लक्ष्य हासिल किए हैं, जो रेलवे बोर्ड द्वारा तय किये गये थे। वास्तव में, प्राप्त किए गए लक्ष्य वित्तीय अवधि के पूरा होने से पहले ही प्राप्त कर लिए गए।

पूसीरे के सीपीआरओ सब्यसाची डे ने आज बताया है कि पूसीरे द्वारा हासिल माइलस्टोन 218 टीकेएम (ट्रैक किलोमीटर) के पूर्ण ट्रैक नवीकरण से संबंधित हैं। दूसरा, चालू वित्त अवधि के दौरान निर्धारित लक्ष्य 100 थिक वेब स्विच के मुकाबले 123 थिक वेब स्विच (टीडब्ल्यूएस) लगाये गये। इसके अतिरिक्त, पूसीरे ने वर्तमान अवधि के दौरान 5 लाख क्यूबिक मीटर लक्ष्य के मुकाबले 6.09 लाख क्यूबिक मीटर बलास्ट भराई का कार्य पूरा किया।

पूसीरे द्वारा रेल पटरियों का अनुरक्षण संरक्षा वृद्धि और ट्रेन परिचालन की गति में बढ़ोतरी हेतु अपनाई जाने वाली एक सतत् प्रक्रिया है। यूएसएफडी (अल्ट्रासोनिक फ्लो डिटेक्शन) जैसी मशीनों का उपयोग रेल पटरियों पर दरारों जैसी खामियों का पता लगाने के लिए किया जाता है और इस प्रकार संरक्षा के लिए त्रुटिपूर्ण रेल पटरियों का समय पर प्रतिस्थापन किया जाता है। रेल यात्रियों को बेहतर आराम के साथ सकुशल और सुरक्षित ट्रेन यात्रा प्रदान करने हेतु रेल पटरियों की उचित अवस्था बनाए रखने के लिए, पूसीरे द्वारा नियमित रूप से जोन के अधीन कई ट्रैक नवीकरण कार्य और अन्य ट्रैक संरक्षा उपाय किये जाते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार/ श्रीप्रकाश/अरविंद